चेन्नई/दक्षिण भारत। चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण ने 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया। इस मौके पर प्राधिकरण के अध्यक्ष ने सबको बधाई दी और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र देश के आर्थिक बदलाव में सबसे आगे है। 'मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030', 'पीएम गति शक्ति', 'सागरमाला' और 'विकसित भारत 2047' जैसी राष्ट्रीय पहल देश के लॉजिस्टिक्स के तौर-तरीकों को नया रूप दे रही हैं।
उन्होंने पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण पैदा हुए हालात का जिक्र करते हुए कहा कि बंदरगाह के कर्मचारियों ने संकट के दौरान टग, लॉन्च और डीज़ल लोकोमोटिव को ईंधन की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की, जिससे कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहा।
बंदरगाह ने मध्य पूर्व जाने वाले ट्रांस-शिपमेंट कार्गो के लिए अलग से यार्ड की जगह दी और व्यापार को बनाए रखने में मदद के लिए डिमरेज माफ़ करने की पेशकश की थी। इन चुनौतियों के बावजूद, बंदरगाह ने अप्रैल और जुलाई के बीच 18.72 मिलियन टन कार्गो संभाला, जो इसके इंफ्रास्ट्रक्चर, वर्कफोर्स और स्टेकहोल्डर इकोसिस्टम की मज़बूती को दर्शाता है।
कार्यक्रम के दौरान, अध्यक्ष ने सीएचपीडीईटी स्कूल की 10वीं और 12वीं कक्षा के टॉपर्स को लैपटॉप और नकद पुरस्कार से प्रोत्साहित किया। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य सतर्कता अधिकारी अनुग्रह पी भी मौजूद थीं। प्राधिकरण के बोर्ड सदस्य, विभागों के प्रमुख, ट्रेड यूनियन नेता, अधिकारी और कर्मचारी, पोर्ट स्कूल के शिक्षक और छात्र जश्न में शामिल हुए।