नई दिल्ली/दक्षिण भारत। आईटीआई लिमिटेड और एयरटेल बिज़नेस ने एक रणनीतिक साझेदारी की है। इसका मकसद भारत में कंपनियों को उनके डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में तेज़ी लाने और वृद्धि, मज़बूती और इनोवेशन के नए मौके खोजने में मदद करना है।
देशभर की कंपनियां डिजिटल विकास और तरक्की के साथ अपने डिजिटलीकरण को आगे बढ़ा रही हैं। यह सहयोग आईटीआई लि. और एयरटेल बिज़नेस की खूबियों और इंजीनियरिंग में बेहतरीन क्षमता को एकसाथ लाएगा। इससे सिस्टम को आधुनिक बनाने, कामकाज की क्षमता बेहतर करने, सुरक्षा मजबूत करने और बिज़नेस की बदलती ज़रूरतों पर तेज़ी से प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।
यह साझेदारी एंटरप्राइज़ कनेक्टिविटी, डेटा सेंटर और सॉवरेन क्लाउड सर्विसेज़, आईओटी, एआई-पावर्ड सॉल्यूशंस, लियो सैटेलाइट सर्विसेज़, साइबर सिक्योरिटी और अन्य क्षेत्रों में भविष्य के लिए तैयार और स्केलेबल डिजिटल सॉल्यूशंस के एक इंटीग्रेटेड सेट के ज़रिए पुरानी जटिलताओं से उबरने, डिजिटल क्षमता को मज़बूत करने और विकास के नए अवसरों को पाने के लिए भविष्य के अनुकूल तैयारी करने में सक्षम बनाएगी।
आईटीआई लि. के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजेश राय ने कहा, 'इस खास मौके पर हम बहुत उत्साहित हैं, क्योंकि आईटीआई लि. और भारती एयरटेल लि. ने अपने ग्राहकों को अत्याधुनिक सेवाएं और समाधान देने के लिए यह एमओयू किया है।'
उन्होंने कहा, 'यह सहयोग दोनों संगठनों की बिज़नेस ओरिएंटेशन, ग्राहकों तक पहुंच और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं जैसी एक-दूसरे की खूबियों का इस्तेमाल करते हुए, ग्राहकों की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, हर जगह मौजूद और तेज़ कनेक्टिविटी, हाइपर-स्केल डेटा सेंटर, साइबर-सिक्योरिटी समाधान, आईओटी और कई ज़रूरतों की संयुक्त रूप से पहचान करने और उन्हें पूरा करने का रास्ता साफ़ करेगा।'
एयरटेल बिज़नेस के सीईओ शरत सिन्हा ने कहा, 'जैसे-जैसे भारत डिजिटल विकास के अगले चरण की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, एक ऐसा आधार तैयार करना ज़रूरी है जो मज़बूत और सुरक्षित हो, और सभी नियमों का पालन करता हो।'
उन्होंने कहा, 'देशभर की कंपनियों के भरोसेमंद साझेदार के तौर पर एयरटेल बिज़नेस ने लगातार उनकी मुश्किलों को आसान बनाने, पुराने सिस्टम को बदलने और बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण को अपनाने में मदद की है। आज हमें आईटीआई लि. के साथ साझेदारी करते हुए खुशी हो रही है। हमारा साझा लक्ष्य ऐसे तकनीकी समाधान करना है जो भविष्य के लिए तैयार हों, बिज़नेस की निरंतरता को मज़बूत करें, इनोवेशन को बढ़ावा दें और भारत के सुरक्षित डिजिटल-फ़र्स्ट भविष्य में सहयोग दें।'