बेंगलूरु/दक्षिण भारत। बेंगलूरु शहर पुलिस ने शनिवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए 'ऑपरेशन मुक्ता' नाम से एक खास अभियान शुरू किया। इसके तहत व्हाइटफील्ड डिवीज़न में 30 से ज़्यादा जगहों और इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में कई जगहों पर तलाशी ली गई।
व्हाइटफ़ील्ड के डीसीपी सैदुल्ला अदावथ ने बताया कि यह अभियान बेंगलूरु शहर पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाया जा रहा है और इसमें व्हाइटफ़ील्ड डिवीज़न के 500 से ज़्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, 'बेंगलूरु शहर पुलिस आयुक्त के निर्देशों के अनुसार, पूरे शहर में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अकेले व्हाइटफील्ड डिवीज़न में ही 500 से ज़्यादा कर्मचारी और अधिकारी इस अभियान में शामिल हैं। असल में, यह एक लगातार और नियमित रूप से चलने वाली प्रक्रिया है।'
अधिकारी ने बताया कि सभी पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 30 से ज़्यादा जगहों पर सत्यापन किया जा रहा है।
अदावथ ने कहा, 'अगर हमें कोई संदिग्ध व्यक्ति मिलता है, तो हम उनके दस्तावेज़ों की पुष्टि करेंगे और उनकी पृष्ठभूमि की जांच करेंगे।'
पुलिस सूत्रों ने बताया कि व्हाइटफ़ील्ड, वर्थुर, कडुगोडी, बालागेरे रोड, बेलंदूर, मराठाहल्ली, महादेवपुरा और इलेक्ट्रॉनिक सिटी (हेब्बागोडी सहित) में तलाशी ली गई। व्हाइटफ़ील्ड में छह पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाली लगभग 30 जगहों और इलेक्ट्रॉनिक सिटी में 15 से 20 अन्य जगहों पर तलाशी ली गई।
तलाशी अभियान में ऐसी अस्थायी बस्तियां भी शामिल थीं, जहां बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार और नेपाल के लोग रह रहे थे।
पुलिस ने कहा कि भारतीय नागरिकों को वेरिफिकेशन के बाद रहने की इजाज़त दी जाएगी, जबकि गैर-कानूनी तरीके से रह रहे विदेशी नागरिकों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस' के सामने पेश किया जाएगा।
एक जगह पर पुलिस को लगभग 150 शेड मिले, जबकि दूसरी बस्ती में 100 से ज़्यादा शेड थे।