केंद्र सरकार द्वारा अनेक बार जुआ-सट्टा संबंधी वेबसाइटों और ऐप्स के खिलाफ कदम उठाए जाने के बावजूद कई युवा सबक लेने को तैयार नहीं हैं। वे इन गतिविधियों में गहरी रुचि लेकर अपना भविष्य खराब कर रहे हैं। तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ने हीलियम गैस सूंघकर अपनी ज़िंदगी खत्म कर दी। इस खौफनाक घटना के पीछे उसे जुए में हुआ भारी नुकसान बताया जा रहा है। यह कोई पहली घटना नहीं है। देश-दुनिया में जुए का जाल फैलता जा रहा है। लोगों, खासकर युवाओं को लगता है कि वे दांव लगाकर जल्द मालामाल हो जाएंगे, लेकिन एक दिन कंगाल होने की नौबत आ जाती है। भारत में ही ऐसे हजारों लोगों की आपबीती सोशल मीडिया पर मौजूद है, जिसमें वे खुलकर स्वीकार करते हैं कि जुए के दलदल में बुरी तरह फंसे हुए हैं। उन्हें सुनकर अन्य लोगों को सबक लेना चाहिए। झारखंड में एक शख्स कपड़ा सिलाई का काम करता था। उसे इसमें इतनी महारत हासिल हो गई कि दूर-दूर से लोग उससे कपड़े सिलाने आते थे। इससे उसकी कमाई काफी बढ़ गई। एक दिन उसके बचपन के दोस्त ने कहा कि कपड़ा सिलाई के साथ एक और काम करके कमाई दुगुनी, चौगुनी या दस गुनी भी कर सकते हैं। उसने मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा और जुआ खेलना सिखा दिया। उस शख्स ने शुरुआत में कुछ रुपए कमाए। इससे उसका हौसला बढ़ा। इसके बाद वह बड़े-बड़े दांव लगाने लगा। उसे भ्रम हुआ कि इस तरह वह जल्द ही करोड़पति बन जाएगा। एक दिन उसे भारी नुकसान हुआ। उसकी भरपाई करने के लिए उसने और बड़ा दांव लगाया। वह रकम भी डूब गई। धीरे-धीरे उसका पूरा बैंक खाता खाली हो गया। कहां तो वह दिनभर कपड़ा सिलाई करता था, अपने काम में व्यस्त रहता था, ज़िंदगी में सुकून था, अब सबकुछ चौपट हो गया। वह उस घड़ी को कोस रहा है, जब अपने बचपन के दोस्त की बातों में आ गया था। ऐसे जुआरी दोस्तों से तो कोई दोस्त न होना बेहतर है।
सिद्दीपेट के उक्त सीए के बारे में कहा जा रहा है कि उसने आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए हैदराबाद स्थित अपना फ्लैट बेच दिया था। ऐसे मामलों में जब व्यक्ति आर्थिक चुनौतियों से बुरी तरह घिर जाता है तो वह अपनी पसंदीदा चीज बेचने से गुरेज नहीं करता है। उसे न चाहते हुए भी झूठ बोलना पड़ता है। राजस्थान में एक युवक की ज़िंदगी में सबकुछ ठीक चल रहा था। वह एक बड़ी दुकान पर नौकरी करता था। उसे वेतन भी अच्छा मिलता था। उसे सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिला, जिसमें कोई मशहूर अभिनेत्री एक ऐप का प्रचार कर रही थी। चूंकि युवक उस अभिनेत्री का प्रशंसक था, इसलिए उसने ऐप डाउनलोड कर लिया और दांव लगाने लगा। उसने कुछ ही दिनों में अपनी सारी बचत उड़ा दी। उसके दिन का सुकून चला गया, रातों की नींद उड़ गई। वह अपने कार्यस्थल पर कर्मठ, सत्यवादी और ईमानदार व्यक्ति माना जाता था। वह ऐसा था भी, लेकिन अब अपने आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए झूठ बोलकर रुपए उधार लेने लगा। वह कभी मां के 'बीमार' होने पर, दादा की 'मृत्यु' होने पर, परिवार में किसी बड़ी 'जरूरत' के नाम पर लाखों रुपए उधार लेकर सबकुछ जुए में गंवा बैठा। एक दिन दुकान के मालिक ने उसके घर फोन किया तो पता चला कि मां की तबीयत बिल्कुल ठीक है, दादा बिल्कुल तंदुरुस्त हैं और परिवार में कोई बड़ी जरूरत नहीं है। सबको आश्चर्य हुआ कि इतना अच्छा कर्मचारी आखिरकार झूठा और धोखेबाज निकला! जुआ जो करवा दे, वह कम है। यह ऐसा जाल है, जिसमें एक बार फंसने के बाद बाहर निकलना बहुत मुश्किल है। आम आदमी ही नहीं, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, डॉक्टर, बैंक मैनेजर, पुलिस अधिकारी और सैनिक तक जुए के फेर में पड़कर अपनी कमाई बुरी तरह लुटा चुके हैं। खुशहाल ज़िंदगी को बर्बाद करने का रास्ता है- जुआ। इससे जितना दूर रहेंगे, उतना सुरक्षित रहेंगे।