चेन्नई/दक्षिण भारत। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को कहा कि कावेरी मुद्दे पर पड़ोसी राज्य कर्नाटक के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव उन्होंने ही दिया था, क्योंकि उन्हें सकारात्मक नतीजे की उम्मीद थी।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा की कि वे कावेरी मुद्दे पर ओछी राजनीति नहीं करना चाहते।
कावेरी का मुद्दा उठाने वाले विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को जवाब देते हुए, विजय ने बताया कि तमिलनाडु ने सन् 1969 से इस मुद्दे को कैसे संभाला है - बातचीत पर विचार करने से लेकर कानूनी रास्ता अपनाने तक।
इस पृष्ठभूमि में, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कावेरी मुद्दे से कानूनी तौर पर निपटने के लिए दृढ़ है और इस बारे में कोई बदलाव नहीं है।
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता पीजी करुथिरुमन का ज़िक्र करते हुए विजय ने कहा, 'कावेरी मुद्दे को बहुत सावधानी से संभालने की ज़रूरत है।'
हालांकि, मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बेंगलूरु जाकर बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश करने के बारे में सोचा, और उन्हें उम्मीद है कि इसका सकारात्मक नतीजा निकलेगा।
विजय ने यह भी कहा कि तमिलनाडु के लोगों की खातिर कावेरी मुद्दे पर बातचीत करने की कोशिश में वे 'अपमान सहने को भी तैयार' थे।
उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर कर्नाटक जाने की कोशिश उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ की थी। उन्होंने कहा, 'मैंने सोचा कि क्यों न पड़ोसी राज्य के साथ बातचीत की जाए, क्योंकि कट्टर दुश्मन देश भी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत करते हैं।' उन्होंने यह भी माना कि उन्हें इस योजना के बारे में कई तरह की राय मिली थीं।