नई दिल्ली/दक्षिण भारत। संसद की एक स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण फ़ेसबुक से हटाए जाने को लेकर बुधवार को मेटा के प्रमुख मार्क ज़करबर्ग से माफ़ी की मांग की।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव को लिखे एक पत्र में, लोकसभा सचिवालय के एक निदेशक ने कहा कि अगर तीन दिनों के भीतर माफ़ी नहीं मांगी गई तो ज़करबर्ग को मिली सुरक्षा और छूट वापस ली जा सकती है।
ए ज्योतिर्मयी के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है, 'परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई के बारे में छात्रों और जेन जी को संबोधित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को फेसबुक से पांच-छह घंटे तक हटाए रखने के मामले को समिति ने बहुत गंभीरता से लिया है।'
पैनल ने धोखाधड़ी वाले ऐप्स की वजह से निवेशकों के 48 लाख रुपए से ज़्यादा गंवाने के मामले में गूगल इंडिया के प्रमुख के ख़िलाफ़ भारत सरकार से कार्रवाई की भी मांग की है।
पत्र में कहा गया है, 'शिकायतकर्ताओं के धोखाधड़ी वाले ऐप्स के ज़रिए निवेश करके 48 लाख रुपये से ज़्यादा गंवाने के आरोपों के बाद, जब हैदराबाद साइबर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी करने वालों के साथ-साथ गूगल इंडिया के प्रमुख के ख़िलाफ़ भी सह-आरोपी के तौर पर कार्रवाई की, तो समिति ने चाहा कि भारत सरकार भी गूगल इंडिया के ख़िलाफ़ वैसी ही कार्रवाई करे।'