नई दिल्ली/दक्षिण भारत। दिल्ली की एक अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए 'यौन उत्पीड़न' के मामले में सोमवार को भाजपा के पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पवार ने फैसला सुनाया।
उनके बेटे एवं कैसरगंज से लोकसभा सांसद करण भूषण सिंह ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पिता के साथ एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा- साज़िश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत। पिताजी आदरणीय ब्रजभूषण शरण सिंह बाइज्ज़त बरी हुए। सत्यमेव जयते!
छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद, अदालत ने 2 जुलाई को आदेश 3 अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया था।
अदालत का फैसला आने के बाद ब्रजभूषण शरण सिंह के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने पटाखे चलाए और समर्थन में नारे लगाए। जब ब्रजभूषण दिल्ली स्थित आवास लौटे तो समर्थकों ने उन पर फूलों की पंखुड़ियां भी बरसाईं।
ब्रजभूषण शरण सिंह ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे 'सम्मानजनक रूप से बरी' किए गए हैं। उन्होंने खुद को बेदाग बताते हुए कहा कि जिस दिन मुझ पर आरोप लगा था, मैंने कहा था कि अगर आरोप साबित हो गया तो मैं खुशी-खुशी फांसी लगा लूंगा।
उल्लेखनीय है कि मई 2024 में, एक अदालत ने ब्रजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ आपराधिक धमकी देने का आरोप तय करने का आदेश दिया था।