बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार रविवार को बेंगलूरु में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में तमिलनाडु के साथ कावेरी जल-बंटवारे के विवाद पर राज्य की कानूनी और राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी। यह बैठक सीडब्ल्यूआरसी के उस निर्देश के बाद बुलाई गई है जिसमें 15 दिनों तक रोज़ाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है।
इस मुद्दे पर कर्नाटक के रुख पर चर्चा करने के लिए होने वाली बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नेता, कावेरी बेसिन क्षेत्र के केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ राजनीतिक नेता शामिल होंगे।
यह बैठक कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के 30 जुलाई के आदेश के खिलाफ कर्नाटक में हो रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच हो रही है, जिसमें भाजपा, किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थक समूहों ने मांग की है कि तमिलनाडु के लिए पानी न छोड़ा जाए।
शिवकुमार ने तमिलनाडु के अपने समकक्ष सी विजय जोसेफ के साथ 3 अगस्त को होने वाली बैठक टाल दी और कहा कि बातचीत बाद में 'बेहतर और सौहार्दपूर्ण माहौल' में की जा सकती है।
उन्होंने यह भी कहा था कि सर्वदलीय बैठक से इस विवाद पर राज्य की कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बारे में एक साझा रुख बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कर्नाटक के हितों की रक्षा करना सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। साथ ही, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कावेरी विवाद को लेकर राज्य सभी उपलब्ध कानूनी और संवैधानिक विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।