नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें जबरन हिरासत में लेने के ज़रिए बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफ़ा लेने की मांग की।
खरगे ने कहा कि युवाओं ने इस शर्त पर अपना आंदोलन वापस लिया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन अब भाजपा सरकारें अपनी ही बात से मुकर गई हैं।
खरगे ने कहा, 'नरेंद्र मोदीजी, 10 दिन पहले आपकी सरकार ने युवाओं पर लाठी, डंडे और पैलेट गन का इस्तेमाल करके कार्रवाई की।' उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई और देश के अन्य हिस्सों में नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ विरोध कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का ज़िक्र किया।
खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, 'अब जब छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है, तो आप उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके और उन्हें जबरन हिरासत में रखकर बदले की भावना से काम कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा, 'युवाओं ने इस शर्त पर अपना आंदोलन वापस लिया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब आपकी सरकारें अपनी ही बात से मुकर गई हैं।'
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए जा रहे हैं और युवतियों को 'डॉक्स' किया जा रहा है।
खरगे ने कहा कि यह 'अहंकार' ही है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन में आए तक नहीं और जवाबदेही पर बयान देने से बचते रहे।
खरगे ने कहा, 'अपनी इज़्ज़त बचाने और अपनी छवि को सुरक्षित रखने के ये हथकंडे अब काम नहीं आएंगे। युवा आपके बारे में सच्चाई जान चुके हैं।'
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, 'अगर ज़रा भी शर्म बची है तो अमित शाह से इस्तीफ़ा दिलवाइए।'