अमृतसर/दक्षिण भारत। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि निर्बाध अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए कुल 44 हवाईअड्डे हों, जिनमें 4 हब हवाईअड्डे शामिल हैं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह बात कही।
एयर इंडिया ने मंगलवार को अमृतसर से 'हब एंड स्पोक' मॉडल के तहत उड़ानें शुरू कीं। वाराणसी के बाद यह दूसरा हवाईअड्डा है, जहां से ऐसी उड़ानें शुरू की गई हैं।
अभी एक हब हवाईअड्डा - दिल्ली - और दो स्पोक हवाईअड्डे - वाराणसी और अमृतसर - हैं। अगला स्पोक हवाईअड्डा अहमदाबाद होगा।
यह मॉडल, जिसका मकसद भारत को एक ग्लोबल एविएशन हब बनाना है, हब हवाईअड्डों के ज़रिए टियर-2 और टियर-3 हवाईअड्डों और इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स के बीच आसान कनेक्टिविटी मुमकिन बनाएगा।
छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली जैसे बड़े हब हवाईअड्डे से होकर भेजा जाएगा।
अमृतसर हवाईअड्डे पर 'हब एंड स्पोक' मॉडल वाली उड़ानों की शुरुआत के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि 4 हब और 40 हवाईअड्डे विकसित किए जाएंगे।
इस मॉडल के तहत, एयर इंडिया अमृतसर से दिल्ली होते हुए 27 अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन के लिए कनेक्टिविटी देगी।
एक वीडियो संदेश में, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि 'हब एंड स्पोक' भारत के लिए एविएशन सॉवरेन्टी (उड्डयन संप्रभुता) और एक अवसर वाला मॉडल है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 10 वर्षों में 100 हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित करना है।
इस मॉडल के तहत, एयर इंडिया ने 'ईज़ी कनेक्ट' फ़्लाइट्स शुरू की हैं। इससे बड़े हब शहरों के अलावा दूसरे शहरों से आने वाले यात्री अपने शुरुआती हवाईअड्डे पर ही अपना सामान जमा कर सकेंगे और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे, ताकि वे बिना किसी परेशानी के विदेशी जगहों के लिए यात्रा कर सकें।
एयरलाइन ने बताया कि अमृतसर से एयर इंडिया की 'ईज़ी कनेक्ट' फ़्लाइट्स दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर 27 विदेशी डेस्टिनेशन के लिए उपलब्ध होंगी। इनमें अमेरिका, कनाडा, यूके, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, वेस्ट एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया के शहर शामिल हैं। मंगलवार से अमृतसर से एयर इंडिया की दो रोज़ाना 'ईज़ी कनेक्ट' फ़्लाइट्स शुरू होंगी।