प्रधानमंत्री ने ध्यान भटकाने के लिए परीक्षा सुधार पैनल की घोषणा की है: कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने लगाया आरोप ...

Photo: IndianNationalCongress FB Page

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस ने सोमवार को परीक्षा सुधारों के लिए एक समिति बनाने की घोषणा को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इसका मकसद लोगों का ध्यान भटकाना है।

विपक्षी पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार ने अभी तक के राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को लागू करने का काम पूरा नहीं किया है; यह समिति न् 2024 में तब बनाई गई थी जब सरकार ने नीट-यूजी समेत कई परीक्षाओं के आयोजन में गड़बड़ी की थी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर दो वीडियो क्लिप शेयर किए – एक में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सन् 2024 में यह घोषणा कर रहे हैं कि सरकार परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारु और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाएगी; और दूसरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को परीक्षा सुधारों पर एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा कर रहे हैं।

जयराम रमेश ने कहा, 'फ्रेंड्स, जून 2024 में, नीट-यूजी सहित कई परीक्षाओं में गड़बड़ी करने के बाद मोदी सरकार ने परीक्षाओं का 'पारदर्शी, सुचारु और निष्पक्ष संचालन सुनिश्चित करने' के लिए इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के राधाकृष्णन की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।'

जयराम रमेश ने कहा, 'जुलाई 2026 में, नीट-यूजी और अन्य परीक्षाओं में एक बार फिर गड़बड़ी करने के बाद मोदी सरकार ने परीक्षा सुधारों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक 'उच्चस्तरीय टास्क फोर्स' का गठन किया है।'

जयराम रमेश ने कहा, 'मोदी सरकार अब तक डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की 101 सिफारिशों को पूरी तरह लागू भी नहीं कर पाई है। बल्कि सन् 2024 से 2026 के बीच लगभग दो वर्षों तक उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के लिए पूर्णकालिक महानिदेशक तक नियुक्त नहीं किया।'

जयराम रमेश ने कहा, 'आखिरकार, यह सब केवल प्रधानमंत्री की अपूरणीय रूप से दागदार छवि को सुधारने की एक हाई-पावर्ड कोशिश भर है।'

About The Author: News Desk