नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है, लेकिन उन्होंने संकल्प लिया कि उनकी बीमारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले आंदोलन की गति को धीमा नहीं करेगी।
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में दीपके ने कहा कि वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और अभी उनका इलाज चल रहा है। बीमारी के बावजूद, उन्होंने देशभर में विरोध प्रदर्शनों को जारी रखने के लिए सीजेपी समर्थकों का धन्यवाद किया और कहा कि यह आंदोलन अपना मकसद हासिल करेगा।
उन्होंने कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं, मैं पिछले कुछ दिनों से बीमार हूं। रिपोर्ट आ गई है और मुझे टाइफ़ाइड हुआ है।' दीपके ने बताया कि उनका इलाज चल रहा है और उन्हें नसों के ज़रिए दवा दी जा रही है।
उन्होंने कहा, 'इलाज चल रहा है। मुझे रोज़ आईवी ड्रिप लग रही है, लेकिन मैं उन सभी कॉकरोचों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जो पूरे देश में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे हैं।'
आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए समर्थकों को बधाई देते हुए दीपके ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि लगातार शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन से उन्हें अपनी मुख्य मांग - केंद्रीय मंत्री प्रधान के इस्तीफे - को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, 'इस आंदोलन को इतनी बड़ी कामयाबी दिलाने के लिए आप सभी को बधाई। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर हम इसी तरह विरोध करते रहे, तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा ज़रूर लेंगे।'
सीजेपी के नेतृत्व में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुए आंदोलन में परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में सुधार और प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
इस विरोध-प्रदर्शन को कई जानी-मानी हस्तियों का समर्थन मिला, जिनमें सोनम वांगचुक भी शामिल थे। वे 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए और 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे।