उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल भेजने का प्रस्ताव दिया

सरकार ने कहा- कोई आपत्ति नहीं है

Photo: PixaBay

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का प्रस्ताव दिया। वांगचुक नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की बेंच, कार्यकर्ता की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने उच्च न्यायालय के रविवार के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें न्यायालय ने सरकारी अस्पताल में कार्यकर्ता के चल रहे इलाज में दखल देने से इन्कार कर दिया था।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार को वांगचुक को मेदांता अस्पताल ले जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।

न्यायालय का आदेश हमारे रुख को सही ठहराता है: गीतांजलि

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश का स्वागत किया जिसमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल ले जाने की इजाज़त दी गई थी। गीतांजलि ने कहा कि इससे डॉक्टर चुनने के नागरिक के मौलिक अधिकार की पुष्टि होती है और आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में वांगचुक को भर्ती करना हिरासत में रखने जैसा था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वांगचुक को अस्पताल के कर्मचारियों के बजाय पुलिस सफदरजंग अस्पताल लाई थी और दावा किया कि उन्हें बिना ज़रूरत के इंटेंसिव केयर यूनिट में रखा गया था।
 
गीतांजलि ने न्यायालय की कार्यवाही के बाद पत्रकारों से कहा, 'हम बहुत खुश हैं। यह आदेश रिकॉर्ड समय में आया है। भारत में, एक लोकतांत्रिक नागरिक को डॉक्टर और अस्पताल चुनने का अधिकार है।'

About The Author: News Desk