नई दिल्ली/दक्षिण भारत। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के अवसर पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मानसून हो या और मानसून सत्र, अगर दोनों ही प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही उत्पादक होते हैं। और दोनों उत्पादक होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रो-एक्टिव रहे और मानसून सत्र भी उत्पादक रहे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था। परसो ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। यह संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं। पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई।
कुछ सप्ताह पहले देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट देश को समर्पित किया गया। अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन देश को समर्पित की गई है। विश्व के बहुत कम देश ऐसे हैं, जिसके पास यह सुविधा है। भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वह सबसे ताकतवर इंजन वाली और सबसे लंबी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो ऊर्जा के लिए औरों पर निर्भर हैं, उनके लिए यह एक बहुत बड़ा संकट का कारण रहा। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फ़र्टिलाइज़र जैसे हर क्षेत्र में अनेक बाधाएं और संकट आए। उसके बावजूद भारत 7.7 प्रतिशत की वृद्धि से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश रहा। यह भारत की सामर्थ्य का परिचायक रहा है।