सीजेपी मार्च: प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे

सुरक्षा बढ़ाई गई

Photo: cockroachjantaparty Instagram

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को संसद तक 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रस्तावित मार्च से पहले, जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर राजनेताओं, कलाकारों और आम लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं, अधिकारियों ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए और कहा कि ऐसे किसी भी जुलूस के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई है।

पुलिस सूत्रों ने कहा, 'हम हाई-सिक्योरिटी ज़ोन की ओर किसी भी अनधिकृत मार्च की इजाज़त नहीं देंगे।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नई दिल्ली ज़िले में निषेधाज्ञा लागू की गई है और इसके उल्लंघन के ख़िलाफ़ चेतावनी भी दी।
 
सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी मार्च से पहले पुलिस ने नई दिल्ली, सेंट्रल दिल्ली और नॉर्थ दिल्ली के कुछ हिस्सों में कई एंट्री पॉइंट्स को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में बदल दिया है। इसके लिए कई लेयर वाली बैरिकेडिंग, बेहतर निगरानी, ​​तोड़-फोड़-रोधी जांच और चौबीसों घंटे गश्त की व्यवस्था की गई है।

रविवार को विपक्ष के कई नेताओं ने 'चलो संसद' मार्च का समर्थन किया, जो मॉनसून सत्र के पहले दिन हो रहा है।

सीजेपी 20 जून से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। वह नीट में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और प्रभावित छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से अपनी पत्नी के ज़रिए एक संदेश भेजा। उन्हें शनिवार को पुलिस ज़बरदस्ती वहां ले गई थी। उन्होंने सोमवार के आंदोलन को 'भारत का दूसरा आज़ादी का आंदोलन' बताया और कथित पेपर लीक के मामले में 'अन्याय से आज़ादी' और अपनी 'गैर-कानूनी हिरासत' को लेकर 'डर से आज़ादी' की मांग की।

उन्होंने लोगों से संसद मार्च को 'बड़ी कामयाबी' बनाने की अपील की।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक वीडियो मैसेज के ज़रिए समर्थकों से अपील की कि वे रातभर जंतर-मंतर पर ही डटे रहें। उन्होंने कहा कि संसद मार्च शांतिपूर्ण ढंग से हो, इसके लिए उनका वहां मौजूद रहना ज़रूरी है।

उन्होंने कहा, 'हमारा विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। कृपया बड़ी संख्या में यहां आएं और रात यहीं रुकें। अगर आप नहीं आएंगे, तो वे इस विरोध-प्रदर्शन को खत्म करने की कोशिश करेंगे।'

संयम बरतने की अपील करते हुए दीपके ने कहा, 'हमारा विरोध प्रदर्शन और मार्च शांतिपूर्ण होगा। मैं सभी से नियमों और दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करता हूं।'

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने जंतर-मंतर पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर राजनेता सफदरजंग अस्पताल में उनसे मिलने आते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाया जाएगा तो सोमवार को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।

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