लखनऊ/दक्षिण भारत। राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच कर रही एसआईटी सोमवार को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक न्यायालय को अंतरिम रिपोर्ट सौंप सकती है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने आगे बताया कि एसआईटी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान से जुड़ीं कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से और समय मांग सकती है।
यह घटनाक्रम उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें न्यायालय ने कथित तौर पर चढ़ावे के गबन की निष्पक्ष और समय-सीमा के भीतर जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एसआईटी को अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था।
'महत्वपूर्ण दस्तावेज़' बरामद
सूत्रों के अनुसार, पुलिस की एक टीम राम मंदिर गबन मामले के आठ आरोपियों में से एक, रामाशंकर मिश्रा को अयोध्या में उस किराए के घर ले गई जहां वह रहता था और उसके घर में रखे एक बैग से ज़रूरी दस्तावेज़ बरामद किए।
पुलिस ने आरोपी के किराए के मकान में मौजूद कमरे को सील कर दिया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने मिश्रा के किराए के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर अपनी कस्टडी में ले लिया है।