चिक्काबल्लापुरा/दक्षिण भारत। कर्नाटक के चिक्काबल्लापुरा ज़िले में दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है। जांच में पता चला कि उन्होंने अपनी नागरिकता के बारे में जानकारी छिपाकर राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड हासिल किया था। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
आरोपियों की पहचान फराह नाज़ और उसके बेटे मोहम्मद फरदीन के तौर पर हुई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), फॉरेनर्स एक्ट और रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
चिक्काबल्लापुरा के पुलिस अधीक्षक कुशल चौकसे ने एक बयान में कहा कि मामले की आगे की जांच चल रही है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि फराह नाज़ और उसके बेटे मोहम्मद फरदीन, जो दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं, ने राशन कार्ड और वोटर आईडी बनवा लिए थे।'
बयान के अनुसार, जांच में पता चला कि बागेपल्ली के रहने वाले मोहम्मद अयूब खान, जो संयुक्त अरब अमीरात में काम कर रहे थे, ने वहीं पाकिस्तानी नागरिक फराह नाज़ से शादी की थी। इस जोड़े के चार बच्चे हैं, जिनमें से मोहम्मद फरदीन का जन्म पाकिस्तान में हुआ था।
अधिकारी ने बताया कि फराह नाज़ और मोहम्मद फरदीन पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि मोहम्मद अयूब खान और उस जोड़े के बाकी तीन बच्चे भारतीय नागरिक हैं। परिवार अभी बागेपल्ली में रह रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चिक्काबल्लापुरा पुलिस द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद, उपायुक्त ने रिकॉर्ड की जांच की और राशन कार्ड रद्द कर दिया, 'क्योंकि इसे नागरिकता से जुड़ी अहम जानकारी छिपाकर हासिल किया गया था।'
बयान में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी ने मतदाता पहचान पत्र भी रद्द कर दिया है। बागेपल्ली के तहसीलदार की शिकायत के आधार पर, फराह नाज़ और मोहम्मद फरदीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, विदेशी अधिनियम और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है।'