दतिया उपचुनाव: भाजपा ने उम्मीदवार बदलने से किया इन्कार

नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने पर समर्थकों का विरोध

Photo: BJP4Karnataka FB Page

इंदौर/दक्षिण भारत। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा उम्मीदवार चुने जाने को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के विरोध के बीच, राज्य के मंत्री कैलास विजयवर्गीय ने शनिवार को पार्टी उम्मीदवार में किसी भी बदलाव की संभावना को खारिज कर दिया।

30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए शुक्रवार को भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद, दतिया ज़िले में हिंसा भड़क गई। इसमें मिश्रा के समर्थकों की पुलिस से झड़प हुई और उन्होंने नेशनल हाईवे जाम कर दिया।

विजयवर्गीय ने यहां पत्रकारों से कहा, 'भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। कार्यकर्ता अपनी बात रखते हैं, लेकिन वे अनुशासित रहते हैं। एक बार बात हो जाने पर, सभी पार्टी का फ़ैसला मान लेंगे और आशुतोष तिवारी भारी अंतर से जीतेंगे।'

एनएच-44 पर 3,000 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों के लगभग 12 घंटे तक रास्ता रोके रखने के दौरान दतिया के पुलिस अधीक्षक और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में सुरक्षा बलों ने हाईवे को खाली कराया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया।

मिश्रा के नाराज़ समर्थकों ने नेशनल हाईवे पर करीब 11-12 घंटे तक जाम लगाए रखा। सड़क खाली करने के लिए कहने के बावजूद उन्होंने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
 
उन्होंने बताया कि दतिया के एसपी, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों को चोटें आईं, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस और अन्य गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन बाद में सड़क खाली करा ली गई और स्थिति नियंत्रण में है।

अधिकारियों ने उन्हें शांत करने की कोशिश की और बताया कि शहर में आदर्श आचार संहिता लागू है, लेकिन जब वे पीछे नहीं हटे और पत्थरबाज़ी की तो हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
 
कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार भी किया गया और चेतावनी दी गई कि अगर उन्होंने हिंसा की, तो उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। 

इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के कुछ पदाधिकारियों - जिनमें ज़िला इकाई के अध्यक्ष और स्थानीय पार्षद शामिल हैं - ने विरोध स्वरूप पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया। आशुतोष तिवारी का नामांकन पूर्व मंत्री मिश्रा के लिए एक झटका था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन फ़ॉर्म भी ले लिया था।

About The Author: News Desk