चेन्नई/दक्षिण भारत। तिरुवन्मियूर स्थित सीईआरसी कैंपस एग्जीबिशन ग्राउंड में भास्कर राजू द्वारा आयोजित कला उत्सवम में रौनक छाई हुई है। यह प्रदर्शनी एवं सेल 12 जुलाई तक जारी रहेगी। इसका समय सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक है।
यहां हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, होम डेकोर, ज्वेलरी और फ़ूड का खजाना है। साथ ही, साड़ियों की बिक्री खूब हो रही है। यहां कई तरह के हैंडीक्राफ्ट, ऑक्सीडाइज़्ड ज्वेलरी, हैंडलूम, पुरुषों के लिए चप्पल, कलात्मक वॉल हैंगिंग, टेराकोटा की गुड़िया, रेडीमेड ब्लाउज़ और कश्मीर, कांचीपुरम व कराईकुडी की साड़ियों के प्रति खास आकर्षण है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की ब्लॉक प्रिंट साड़ियां और चूड़ीदार कपड़े, कई तरह के फूलों वाले पौधे उपलब्ध हैं।
कोटा डोरिया, शिबोरी वर्क के साथ बुने हुए टसर, चंदेरी, साउथ कॉटन, खादी, कच्छी, राजस्थानी पट्टू, ऑर्गेनिक पेन कलमकारी, अकोला, अजरक और कांचीवरम प्रिंट इसमें चार चांद लगा रहे हैं।
इसके अलावा कर्नाटक के संदूर और तमिलनाडु की सिटलिंगी घाटी के आदिवासी कारीगरों की शीशे और हाथ की कढ़ाई वाली कलाकारी, राजस्थान और गुजरात के वेजिटेबल डाई वाले ऑर्गेनिक रंगों से बने ब्लॉक प्रिंट, नेचुरल फाइबर से बनीं चीज़ें और कठपुतली कला लोगों को पसंद आ रही है। साथ ही, ओडिशा की ढोकरा आर्ट ज्वेलरी की अनोखी खूबसूरती, उत्तर प्रदेश की मूंज की टोकरियां, टेराकोटा पॉटरी, चांदी और बेहतरीन फिलाग्री का काम अद्भुत है।
उत्तराखंड के ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स और '5 मैजिकसीड्स' की ओर से ऑर्गेनिक खाद, पौधे और एक्सेसरीज़ भी शामिल हैं। साथ ही, हापुड़ की हैंडमेड बीड ज्वेलरी अपनी चमक बिखेर रही है। यहां एंट्री और कार पार्किंग मुफ़्त हैं।