जकार्ता/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को यहां भव्य स्वागत किया गया। वे इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ बातचीत के लिए पहुंचे हैं।
मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया गए हैं। इस दौरे का मकसद भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी', 'महासागर विज़न' और एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक के लिए भारत की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करना है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने जकार्ता के इस्ताना नेगारा में राष्ट्रपति सुबियांतो से मुलाकात के दौरान एक अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।
मोदी ने एक्स पर कहा, 'इस्ताना मर्देका में गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद!'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जकार्ता पहुंच गया हूँ। एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के स्वागत करने के अंदाज़ से मैं बहुत प्रभावित हुआ हूं।'
सन् 2018 में संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक ले जाए जाने के बाद से इंडोनेशिया की यह मोदी की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
मोदी ने कहा, 'सन् 2018 में हमने अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया, जिससे हमारे लोगों को फ़ायदा हुआ है।'
मोदी ने कहा कि वे राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ बातचीत करेंगे, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में इस साझेदारी को और गति देना है।
उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति प्राबोवो और मैं योग्याकार्ता में प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे। इससे हमारे देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे। इंडोनेशिया में रहने के दौरान, मैं भारतीय समुदाय के लोगों से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं।'
योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित यह सदियों पुराना मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है।