देवरिया/दक्षिण भारत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई एसआईटी की रिपोर्ट सौंपे जाने के तुरंत बाद शुरू कर दी गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
देवरिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, आदित्यनाथ ने लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने के खिलाफ अपनी चेतावनी दोहराई।
आदित्यनाथ ने 19 जून को अयोध्या में कही अपनी बात को याद करते हुए कहा, 'अयोध्या हम सभी की और सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है। अयोध्या पर बुरी नज़र न डालें। भगवान राम की गरिमा बनाए रखना सीखें। हमने कहा था कि एक एसआईटी बनाई गई है और उसकी रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी।'
उन्होंने कहा, 'एसआईटी की रिपोर्ट आई और तुरंत कार्रवाई शुरू हो गई। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि, जैसा मैंने कहा था, हम सच और झूठ को अलग-अलग करेंगे।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा, 'जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। जो कोई भी सनातन धर्म की आस्था के साथ छेड़छाड़ करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। किसी को भी कोई छूट नहीं दी जा सकती।'
वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी के मामले में एफआईआर में नामजद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर यह एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर दर्ज की गई है।