मुंबई/दक्षिण भारत। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में जल्द ही बगावत होने की अटकलों के बीच, शिवसेना (यूबीटी) ने अपने सांसदों को 'महत्त्वपूर्ण मुद्दों' पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने का व्हिप जारी किया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पार्टी बैठक में शामिल न होने वालों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू कर सकती है।
गौरतलब है कि पार्टी ने सन् 2022 में भी ऐसा ही व्हिप जारी किया था, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में 39 विधायकों ने शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी। उसके बाद उन्हें अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
मंगलवार को सूत्रों ने बताया कि विपक्षी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) संकट का सामना कर रही है, क्योंकि उसके नौ लोकसभा सांसदों में से 'छह से सात' सांसद शिंदे के नेतृत्व वाली सत्ताधारी शिवसेना में शामिल होने का मन बना चुके हैं और राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले हुए हैं।
'अलग हुए' गुट को मान्यता न देने का आग्रह किया
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से अपील की है कि वे पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले किसी भी 'अलग हुए' गुट को मान्यता न दें।
कार्यकर्ता परेशान
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में परभणी, हिंगोली और धाराशिव लोकसभा क्षेत्रों में शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता पार्टी के भीतर वफादारी बदलने की अटकलों के बीच घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं।
संभावित दलबदल की चर्चाओं के ज़ोर पकड़ने के साथ ही माहौल में उत्सुकता और बेचैनी देखी जा रही है।
हालांकि, हिंगोली में पार्टी कार्यकर्ताओं ने इन अटकलों को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि उनके सांसद नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट के साथ ही बने रहेंगे और पाला बदलने का कोई फैसला नहीं करेंगे।