राज्यसभा चुनाव: पाला बदलने का डर! मप्र कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक भेजेगी

भाजपा पर विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप

Photo: IndianNationalCongress FB Page

भोपाल/दक्षिण भारत। मध्य प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनावों से पहले भाजपा उनके विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने क्रॉस-वोटिंग रोकने और अपने खेमे को एकजुट रखने के लिए अपने विधायकों को कांग्रेस-शासित कर्नाटक भेजने का फैसला किया है।

राज्य विधानसभा के 230 सदस्य राज्यसभा चुनाव के लिए इलेक्टोरल कॉलेज बनाते हैं। विधानसभा की मौजूदा सदस्य संख्या 229 होने के कारण, संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के लिए चुने जाने के लिए किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के 58 वोटों की ज़रूरत होती है।

सत्ताधारी भाजपा, जिसके पास 164 विधायक हैं, 116 वोटों के साथ दो सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त है और उसने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है। 
 
बाद में भाजपा ने मध्य प्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को भी अपना तीसरा उम्मीदवार बनाया।
 
कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है और उनके चुनाव जीतने के लिए ज़रूरी समर्थन बनाए रखने का भरोसा जताया है, जबकि केवट के मैदान में उतरने से मुक़ाबले में एक नया मोड़ आ गया है।
 
कांग्रेस विधायक दल ने सोमवार देर रात विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के आवास पर एक बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों से उन्हें वोटिंग तक मध्य प्रदेश से बाहर ले जाने के प्रस्ताव पर सलाह-मशविरा किया गया।

About The Author: News Desk