बेंगलूरु/दक्षिण भारत। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार बुधवार को यहां लोक भवन में आयोजित एक समारोह में कुछ मंत्रियों के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
64 वर्षीय शिवकुमार, जिन्हें 30 मई को कर्नाटक में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था, को राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा शाम 4.05 बजे लोक भवन के ग्लास हाउस में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी सूचना नहीं है कि बुधवार को पहले चरण में कितने मंत्री शपथ लेंगे, लेकिन सूत्रों के अनुसार 12 से 14 मंत्री शपथ ले सकते हैं।
कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर, सिद्दरामय्या ने पिछले हफ़्ते मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया। इससे शिवकुमार के लिए यह पद संभालने का रास्ता साफ़ हो गया है, जिन्हें दक्षिण भारत में पार्टी का 'ट्रबल-शूटर' माना जाता है।
खबरों के मुताबिक, यह समारोह सादगीपूर्ण रखा गया है, क्योंकि पूरे राज्य से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बड़ी संख्या में आने की संभावना के चलते बेंगलूरु में पीक-ऑवर के दौरान ट्रैफिक में रुकावट पैदा होने की चिंताएं हैं।
शपथ ग्रहण समारोह पहले विधान सौधा की भव्य सीढ़ियों पर, एक विशाल जनसमूह के सामने आयोजित करने की योजना थी।
सूत्रों के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल तथा रणदीप सिंह सुरजेवाला के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।
कांग्रेस और 'इंडि' गठबंधन-शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ कई राज्य और केंद्रीय नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों और आमंत्रितों के भी उपस्थित रहने की उम्मीद है।
सूत्रों ने बताया कि विभिन्न मठों के प्रमुखों सहित सभी प्रमुख समुदायों के धार्मिक नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
इस बीच, मंगलवार को नई दिल्ली में मंत्रिपरिषद के गठन को लेकर कांग्रेस आलाकमान, शिवकुमार और सिद्दरामय्या के बीच गहन चर्चाएं जारी रहीं। खरगे और राहुल गांधी भी इन बैठकों में शामिल हुए।
जहां एक ओर सिद्दरामय्या के निवर्तमान मंत्रिमंडल के कुछ मंत्री अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं मंत्रिमंडल में जगह की उम्मीद लगाए विधायक भी राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए हैं। ऐसी अटकलें ज़ोरों पर हैं कि एक से ज़्यादा उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। अगले चरण में जब मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, तो पिछले मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों को शायद बरकरार न रखा जाए।