खरगे ने पूछा: कच्चे तेल की कीमतें गिरीं तो पेट्रोल-डीज़ल महंगे क्यों हुए?

'जनता को राहत क्यों नहीं?'

Photo: IndianNationalCongress FB Page

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को ईंधन की बढ़तीं कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने पूछा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान जब कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, तब लोगों को राहत क्यों नहीं दी गई?

खरगे ने पीआईबी के एक आधिकारिक बयान का हवाला देते हुए कहा कि ठीक 12 साल पहले आज ही के दिन, 26 मई, 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार संभाला था, तब इंडियन बास्केट में कच्चे तेल की कीमत 108.05 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी, और डॉलर-रुपया विनिमय दर 58.59 रुपए थी।

उन्होंने एक्स पर अपनी हिंदी पोस्ट में कहा कि उस समय पेट्रोल 71.51 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल 56.71 रुपए प्रति लीटर उपलब्ध था।

खरगे ने कहा, 'हाथ कंगन को आरसी क्या, पढ़े-लिखे को फ़ारसी क्या! ... आज कच्चे तेल की कीमत 99 डॉलर प्रति बैरल से कम है, लेकिन पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़कर क्रमशः 102.12 रु. और 95.20 रु. प्रति लीटर हो गए हैं।'

उन्होंने कहा, 'यानी कच्चा तेल सस्ता हुआ, लेकिन पेट्रोल करीब 42.8 प्रतिशत और डीज़ल करीब 67.9 प्रतिशत महंगा हो गया।'

खरगे ने कहा, 'हर अर्थशास्त्री जानता है कि पेट्रोल-डीज़ल की महंगाई का असर हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन से लेकर खाद्य वस्तुओं तक, आम आदमी पर महंगाई की मार बढ़ती है। इसके बावजूद सरकार की मुनाफ़ाख़ोरी जारी है।'

उन्होंने पूछा, 'सवाल सीधा है कि जब कच्चा तेल सस्ता हुआ, तो पेट्रोल-डीज़ल महंगा क्यों? जनता को राहत क्यों नहीं?'

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