ईरान के परमाणु भंडार को आईएईए की निगरानी में नष्ट किया जा सकता है: ट्रंप

'यूरेनियम को अमेरिका में भी बदला और नष्ट किया जा सकता है'

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वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को अमेरिका में बदला और नष्ट किया जा सकता है, लेकिन उनकी प्राथमिकता यह है कि इसे आईएईए की देखरेख में 'वहीं पर' या 'किसी अन्य स्वीकार्य स्थान' पर नष्ट किया जाए।

ट्रंप की यह टिप्पणी उनके उन बार-बार दोहराए गए बयानों में आए एक बदलाव को दर्शाती है, जिनमें उन्होंने किसी भी संभावित समझौते की एक मुख्य शर्त के तौर पर ईरान से अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपने की मांग की थी।

ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, 'एनरिच्ड यूरेनियम (न्यूक्लियर धूल!) को या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाएगा ताकि उसे वापस लाकर नष्ट किया जा सके, या फिर — जो कि ज़्यादा बेहतर होगा — इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ मिलकर और उनके समन्वय से, उसे उसी जगह पर या किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर नष्ट कर दिया जाएगा; और इस पूरी प्रक्रिया और घटना के गवाह के तौर पर परमाणु ऊर्जा आयोग या उसके समकक्ष कोई संस्था मौजूद रहेगी।'

ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। उन्होंने शांति वार्ता में शामिल देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया। यह समझौता इज़राइल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने से संबंधित है।

उन्होंने कहा कि ईरान का इन समझौतों पर हस्ताक्षरकर्ता बनना एक सम्मान की बात होगी। ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका ने इस बेहद पेचीदा पहेली को सुलझाने के लिए जो भी काम किया है, उसके बाद यह अनिवार्य होना चाहिए कि ये सभी देश, कम से कम, एक ही समय पर 'अब्राहम समझौते' पर हस्ताक्षर करें।' उन्होंने कहा कि अगर एक या दो देशों के पास ऐसा न करने का कोई कारण है, तो उसे स्वीकार किया जा सकता है।

बातचीत करने वालों में, यूएई और बहरीन पहले से ही इन समझौतों के सदस्य हैं, और ट्रंप को उम्मीद है कि सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन भी इन पर हस्ताक्षर करेंगे।

ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर से हो रही आलोचनाओं पर ट्रंप ने ज़ोर देकर कहा कि जिस मसौदे पर बातचीत चल रही है, वह तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अंतिम रूप दिए गए 'ज्वाइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ़ एक्शन' के बिल्कुल विपरीत है।

ट्रंप ने कहा, 'ईरान के साथ होने वाला समझौता या तो बहुत ही शानदार और सार्थक होगा, या फिर कोई समझौता होगा ही नहीं। यह उस जेसीपीओए आपदा के बिल्कुल विपरीत होगा, जिस पर ओबामा प्रशासन ने बातचीत की थी — एक ऐसा प्रशासन जो पूरी तरह विफल रहा था, और जिसने ईरान के लिए परमाणु हथियार हासिल करने का एक सीधा और खुला रास्ता खोल दिया था। नहीं, मैं इस तरह के समझौते नहीं करता।'

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