वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 'गंभीरता से विचार कर रहे हैं' कि अगर आखिरी पलों की बातचीत से कोई शांति समझौता नहीं हो पाता है, तो ईरान के खिलाफ नए हमले किए जाएं। एक अमेरिकी मीडिया आउटलेट ने यह दावा किया है।
इसमें कहा गया कि ट्रंप ने सुबह अपनी वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक की, जिसमें ईरान के साथ युद्ध पर चर्चा हुई। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान के दौरे पर थे और उनके साथ कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था, जो किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था।
दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध के संबंध में अपनी वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ एक बैठक बुलाई।
सूत्रों के अनुसार, जिन्होंने राष्ट्रपति से सीधे बात की है, ट्रंप ईरान के खिलाफ नए हमले शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, बशर्ते बातचीत में आखिरी मिनट में कोई सफलता मिल जाए।
मुनीर के शनिवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर और ईरानी निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में एक प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी से मिलने की उम्मीद है।
कूटनीतिक प्रयासों से अवगत एक अमेरिकी अधिकारी ने बातचीत को बेहद कष्टप्रद बताया, जिसमें मसौदे हर दिन इधर-उधर होते रहे, लेकिन कोई खास प्रगति नहीं हुई।
शुक्रवार की सुबह व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ हुई बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ, व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम में कहा, 'ईरान एक समझौता करने के लिए बेताब है। हम देखेंगे कि क्या होता है। लेकिन हमने उन पर ज़ोरदार वार किया, और हमारे पास कोई और चारा नहीं था, क्योंकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। उनके पास यह नहीं हो सकता।'
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने स्वीडन में पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ बातचीत के दौरान मामूली प्रगति हुई है।