पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर 'स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट की शुरुआत होगी: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने की घोषणा

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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार अगले साल एक 'स्मार्ट बॉर्डर' प्रोजेक्ट शुरू करेगी, ताकि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 6,000 किलोमीटर लंबी सीमा को अभेद्य बनाया जा सके। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन इलाकों की जनसांख्यिकी को बदलने की साज़िश को नाकाम किया जा सके।

यहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा आयोजित वार्षिक रुस्तमजी स्मारक व्याख्यान देते हुए, गृह मंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार देश से हर एक घुसपैठिए का पता लगाएगी और उन्हें भारत से बाहर भेज देगी।

साल 1965 में बीएसएफ के गठन के बाद, केएफ रुस्तमजी इसके पहले महानिदेशक थे।

शाह ने कहा, 'मैं बीएसएफ के जवानों को यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम इस स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट को बीएसएफ की स्थापना के 60वें वर्ष में शुरू करेंगे और पाकिस्तान तथा बांग्लादेश की सीमाओं को अभेद्य बना देंगे।'

शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने अगले एक साल में पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमाओं पर एक मज़बूत सुरक्षा घेरा बनाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने बताया कि इस स्मार्ट बॉर्डर को टेक्नोलॉजी, ड्रोन, रडार और स्मार्ट कैमरों की मदद मिलेगी, जिससे एक अभेद्य सीमा बनाने में मदद मिलेगी।

मंत्री ने बीएसएफ के जवानों से यह भी आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि भारत की जनसांख्यिकी को कृत्रिम रूप से बदलने की साज़िश को नाकाम कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम में मौजूदा राज्य सरकारें, जो सभी भाजपा के नेतृत्व में हैं, इस नीति में विश्वास रखती हैं कि भारतीय सीमाओं के पार से कोई घुसपैठ नहीं होनी चाहिए।

शाह ने आगे कहा कि उनका मंत्रालय जल्द ही सीमा सुरक्षा के विषय पर इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक करेगा। मंत्री ने आगे कहा कि पहले घोषित एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन की घोषणा केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही की जाएगी।

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