नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि मंत्रिपरिषद के साथ एक सार्थक बैठक हुई, जिसमें उन्होंने 'जीवन की सुगमता' और 'व्यापार करने की सुगमता' को बढ़ावा देने के लिए विचारों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया।
मोदी ने कहा कि गुरुवार शाम हुई बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि एक विकसित भारत के साझा सपने को साकार करने के लिए सुधारों को कैसे आगे बढ़ाया जाए।
मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'कल मंत्रिपरिषद की एक सार्थक बैठक हुई। हमने 'जीवन की सुगमता' और 'व्यापार करने की सुगमता' को बढ़ावा देने से जुड़े विचारों और बेहतरीन तरीकों का आदान-प्रदान किया, और इस बात पर चर्चा की कि 'विकसित भारत' के अपने साझा सपने को साकार करने के लिए सुधारों को कैसे आगे बढ़ाया जाए।'
चार घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्रियों ने भाग लिया। इस वर्ष परिषद की यह पहली बैठक थी।
प्रधानमंत्री ने इससे पहले ज़ोर देकर कहा था कि उनकी सरकार की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' ने व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव लाए हैं और नागरिकों को काफ़ी हद तक लाभ पहुंचाया है।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपनी मंत्रिपरिषद से भारत को पूरी तरह से विकसित राष्ट्र बनाने के लिए वर्ष 2047 को लक्ष्य वर्ष निर्धारित करने को कहा।
उन्होंने मंत्रियों से कहा कि उनका लक्ष्य और उद्देश्य हमेशा लोगों के जीवन में सुख-सुविधा और जीवन में आसानी लाना होना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने कहा कि लोगों के जीवन में किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे हर संभव कदम उठाएं, ताकि लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह आगे देखने का समय है, न कि अतीत में जो कुछ हुआ, उसी में उलझे रहने का।
मोदी ने कहा कि हालांकि सरकार सन् 2014 से सत्ता में है, लेकिन सन् 2026 में ध्यान भविष्य के लक्ष्यों और उपलब्धियों पर होना चाहिए। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने मंत्रियों को शासन और कामकाज पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी।
प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि सरकारी काम में कोई पेंडेंसी नहीं होनी चाहिए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मोदी की यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की हालिया यात्रा पर एक प्रस्तुति दी। कुल नौ सचिवों ने अपने मंत्रालयों और विभागों की पहलों तथा प्रदर्शन पर प्रस्तुतियां दीं।