ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फ़ोन पर हुई तनावपूर्ण बातचीत!

ईरान पर फिर हमला करना चाहते हैं नेतन्याहू?

Photo: Netanyahu FB Page

वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान से युद्ध की भावी रणनीति को लेकर फ़ोन पर तनावपूर्ण बातचीत हुई, क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वॉशिंगटन हमलों को फिर से शुरू करने के बजाय किसी समझौते के पक्ष में है। अमेरिकी मीडिया ने यह रिपोर्ट दी है।

एक अमेरिकी मीडिया आउटलेट ने दावा किया कि मंगलवार को ट्रंप के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत के बाद नेतन्याहू बेहद गुस्से में थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इज़राइली प्रधानमंत्री ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमज़ोर करने तथा उसके अहम बुनियादी ढांचे को नष्ट करके वहां की सत्ता को कमज़ोर करने के लिए, एक बार फिर हमले शुरू करने को लेकर काफ़ी उत्सुक थे।
 
ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्होंने कतर और यूएई सहित अरब देशों के अनुरोध पर मंगलवार के लिए ईरान पर नियोजित हमले टाल दिए हैं।

मीडिया आउटलेट ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच की खाई को पाटने की कोशिश में कतर और पाकिस्तान ने अन्य क्षेत्रीय मध्यस्थों के सुझावों के साथ एक संशोधित शांति ज्ञापन का मसौदा तैयार किया है।

नेतन्याहू इन वार्ताओं को लेकर बेहद संशय में हैं और वे युद्ध को फिर से शुरू करना चाहते हैं ताकि ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमज़ोर किया जा सके तथा उसके महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट करके वहां की सत्ता को कमज़ोर बनाया जा सके।

ट्रंप लगातार यह कहते आ रहे हैं कि उन्हें लगता है कि कोई समझौता हो सकता है, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता, तो वह युद्ध फिर से शुरू करने के लिए तैयार हैं।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के मामले में नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं उनसे करवाना चाहूंगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके बीच अच्छे संबंध हैं। ईरान ने इस बात की पुष्टि की है कि वह एक संशोधित प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन उसने अभी तक लचीलेपन का कोई संकेत नहीं दिया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि बातचीत ईरान के 14-सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर चल रही है और पाकिस्तान के गृह मंत्री मध्यस्थता में सहायता के लिए तेहरान में मौजूद हैं।

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