महमूद अहमदीनेजाद को ईरान का राष्ट्रपति बनाना चाहते थे अमेरिका और इज़राइल?

एक रिपोर्ट में किया गया दावा

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वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। अमेरिका और इज़राइल, युद्ध के शुरुआती दिनों में ईरान में शासन बदलने की योजना के तहत महमूद अहमदीनेजाद को वहां का राष्ट्रपति बनाने पर विचार कर रहे थे। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद, जो अपने इज़राइल-विरोधी और अमेरिका-विरोधी विचारों के लिए जाने जाते हैं, से अमेरिका और इज़राइल ने उस समय सलाह ली थी, जब वे ईरान को निशाना बनाने वाली युद्ध संबंधी योजनाएं तैयार कर रहे थे।

हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के पहले ही दिन एक इजराइली हमले में अहमदीनेजाद घायल हो गए थे और जल्द ही शासन परिवर्तन की योजना से उनका मोहभंग हो गया।

इसमें कहा गया कि तेहरान में अहमदीनेजाद के आवास पर इजराइली हमला उन्हें नज़रबंदी से मुक्त कराने के उद्देश्य से किया गया था।

साल 2005 से 2013 तक अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान इज़राइल को नक्शे से मिटा देने के अपने बार-बार के आह्वान के लिए जाने जाने वाले अहमदीनेजाद, अब ईरानी शासकों के आलोचक बन गए और उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों से उन्हें नज़रबंद रखा गया है। ईरानी शासकों ने उन्हें आगामी राष्ट्रपति चुनावों के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी और इज़राइली अधिकारियों का अहमदीनेजाद को ईरान में एक नई सरकार के संभावित नेता के तौर पर देखना इस बात का एक और सबूत है कि फरवरी में शुरू किया गया युद्ध तेहरान में अधिक लचीला नेतृत्व स्थापित करने की उम्मीद के साथ छेड़ा गया था।

अहमदीनेजाद के एक सहयोगी ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' को इस बात की पुष्टि की कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति ने अपने आवास पर हुए हमले को खुद को छुड़ाने की एक कोशिश के तौर पर देखा था।

रिपोर्ट के अनुसार, सहयोगी ने बताया कि अमेरिकी लोग अहमदीनेजाद को ऐसे व्यक्ति के रूप में देखते हैं जो ईरान का नेतृत्व कर सकता है, और जिसमें ईरान की राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य स्थिति को संभालने की क्षमता है। 

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