तिरुवनंतपुरम/दक्षिण भारत। केरल में यूडीएफ सरकार ने सोमवार को कई कल्याणकारी उपायों की घोषणा की। इनमें 15 जून से केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी और बुजुर्गों के लिए एक विशेष विभाग का गठन शामिल है।
पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान दी गईं पांच गारंटियों में से दो को लागू करने का फैसला लिया है।
बता दें कि इस साल मार्च में चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने पांच गारंटियों- महिलाओं के लिए केएसआरटीसी बसों में मुफ़्त यात्रा, कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए 1,000 रुपए का मासिक वज़ीफ़ा, कल्याण पेंशन में बढ़ोतरी करके इसे 3,000 रुपए करना, हर परिवार के लिए 25 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज और युवा उद्यमियों के लिए 5 लाख रुपए तक का ब्याज़-मुक्त ऋण, की घोषणा की थी। ये बाद में चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा बनी थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'किसी भी समाज का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाता है कि वह अपने बुजुर्ग नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है। केरल को वरिष्ठ नागरिकों की गरिमापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करके एक आदर्श सभ्य समाज बनना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि सचिवालय के सामने आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए लंबे आंदोलन के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए, कैबिनेट ने उनके मानदेय में प्रति माह 3,000 रुपए की वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट ने वरिष्ठ विधायक जी. सुधाकरन को प्रोटेम स्पीकर के रूप में नामित करने की सिफारिश की और राज्यपाल से विधायकों के शपथ-ग्रहण तथा स्पीकर के चुनाव के लिए विधानसभा का सत्र बुलाने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 21 मई को विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी और 22 मई को अध्यक्ष का चुनाव होगा। कैबिनेट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव बाबू को महाधिवक्ता और अधिवक्ता टीएस आसफ अली को अभियोजन महानिदेशक भी नियुक्त किया।
एक अन्य अहम फ़ैसले में, कैबिनेट ने एक विशेष जांच दल बनाने को मंज़ूरी दे दी है। यह दल अलाप्पुझा में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दो यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले से जुड़े मामले की दोबारा जांच करेगा।