इस्लामाबाद/दक्षिण भारत। पाकिस्तानी फौज ने रविवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की हालिया टिप्पणियों की आलोचना करते हुए नई दिल्ली से शांतिपूर्वक 'सह-अस्तित्व' के साथ रहना सीखने का आग्रह किया।
जनरल द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ गतिविधियां चलाना जारी रखता है, तो उसे 'यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बनना चाहता है या इतिहास का।'
जनरल द्विवेदी की टिप्पणियों को 'भड़काऊ' बताते हुए पाकिस्तानी फौज ने कहा कि ज़िम्मेदार परमाणु संपन्न देश संयम, परिपक्वता और रणनीतिक गंभीरता का परिचय देते हैं।
पाकिस्तानी फौज ने एक बयान में कहा, 'एक संप्रभु परमाणु-सम्पन्न पड़ोसी को 'भूगोल' से मिटा देने की धमकी देना न तो कोई रणनीतिक संकेत है और न ही कोई 'ब्रिंकमैनशिप' (खतरे की हद तक जाने की रणनीति); यह तो बस बौद्धिक क्षमताओं का पूरी तरह से दिवालियापन है।'
उसने कहा, 'भारत को पाकिस्तान के महत्त्व को स्वीकार करना होगा और उसके साथ शांतिपूर्वक सह-अस्तित्व बनाए रखना सीखना होगा।'
उसने कहा, 'पाकिस्तान को निशाना बनाने का कोई भी प्रयास ऐसे नतीजों को जन्म दे सकता है, जो न तो भौगोलिक रूप से सीमित होंगे और न ही भारत के लिए रणनीतिक या राजनीतिक रूप से स्वीकार्य होंगे।'
पिछले साल मई में हुए चार-दिवसीय संघर्ष का ज़िक्र करते हुए, उसने कहा कि भारतीय नेतृत्व को यह सलाह दी जाती है कि वह दक्षिण एशिया को किसी अन्य संकट या युद्ध की ओर धकेलने की कोशिश न करे, जिसके परिणाम पूरे क्षेत्र और उससे बाहर भी विनाशकारी ही होंगे।
भारत ने पिछले साल 7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जिनमें कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे।