कोलकाता/दक्षिण भारत। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को सोमवार को 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 6 मई की रात को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई हत्या की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने रविवार को तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी ने बताया, 'तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल लाया गया और सोमवार को उत्तरी 24 परगना जिले की बारासात अदालत में पेश किया गया। उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।'
पुलिस के अनुसार, जांचकर्ताओं ने डिजिटल सबूतों और अंतर-राज्यीय संपर्कों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
तीनों संदिग्धों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया और 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इन तीनों को उप्र से पश्चिम बंगाल लाया गया और उत्तरी 24 परगना ज़िले की बारासात अदालत में पेश किया गया। उन्होंने बताया कि इन पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, अवैध हथियार रखने, आपराधिक साज़िश रचने और सबूत मिटाने के आरोप लगाए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक की पहचान बिहार के बक्सर जिले के पांडियापट्टी निवासी विशाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। जांचकर्ताओं को संदेह है कि आरोपियों में से एक 'शार्पशूटर' है।
पुलिस ने बताया कि इस हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे। जांचकर्ताओं का यह भी मानना है कि हमलावरों ने रथ को निशाना बनाने से पहले विस्तृत रेकी की थी।
इस हत्या को अत्यंत बारीकी से की गई योजना के तहत अंजाम दिया गया था। हमलावरों ने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए कई उपाय अपनाए थे। अधिकारी ने कहा, 'जांचकर्ता घटनाओं के क्रम का पता लगाने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों पर काफी हद तक निर्भर हैं।'
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है। जांचकर्ताओं ने इससे पहले हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार की पहचान ऑस्ट्रिया में बनी ग्लॉक 47एक्स पिस्तौल के रूप में की थी। यह एक अत्याधुनिक हथियार है, जिसके इस्तेमाल की खबर ने राज्य और केंद्रीय, दोनों ही खुफिया एजेंसियों के बीच चिंता पैदा कर दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि ग्लॉक पिस्तौल से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद एजेंसियों ने इस अपराध के पीछे संभावित सीमा-पार या अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पड़ताल शुरू कर दी है, क्योंकि भारत में इस हथियार की उपलब्धता काफी सीमित है।