कोलकाता/दक्षिण भारत। सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शनिवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के लिए मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला, पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता और अन्य पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की।
सूत्रों के अनुसार, कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद भी बैठक में मौजूद थे। सूत्रों ने बताया कि अधिकारी ने पिछली तृणमूल कांग्रेस (तृणकां) सरकार द्वारा शुरू की गईं विभिन्न योजनाओं के कामकाज के बारे में भी जानकारी ली और मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि ये योजनाएं बिना किसी रुकावट के सुचारु रूप से चलती रहें।
उन्होंने राइटर्स बिल्डिंग में चल रहे नवीनीकरण कार्य की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली, जो अगला राज्य सचिवालय होगा।
क्या बोले सुवेंदु के शिक्षक?
पूर्वी मेदिनीपुर ज़िले के कोंताई के एक सेवानिवृत्त शिक्षक, हिमांशु माझी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को एक मेहनती छात्र के रूप में स्नेहपूर्वक याद किया और कहा कि राज्य की पहली भाजपा सरकार का नेतृत्व करते हुए उन्हें देखकर गर्व महसूस हो रहा है।
माझी ने बताया कि अधिकारी कोंताई प्रभात कुमार कॉलेज में कॉमर्स के छात्र थे और उन्होंने छात्र संघ के सांस्कृतिक सचिव के रूप में कार्य किया है।
शिक्षक ने कहा, 'क्लास में आने के अलावा, सुवेंदु मुझसे प्राइवेट ट्यूशन भी लेते थे। वे हमेशा बहुत मेहनती थे।' उन्होंने बताया कि जब अधिकारी पूरी तरह से राजनीति में आ गए और उनका कद बढ़ा, तब भी उनके और 'छात्र' के बीच का रिश्ता वैसा ही बना रहा।
'न्याय दिलाने के लिए काम करें'
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की मां गायत्री अधिकारी ने शनिवार को कहा कि वे चाहती हैं कि उनका बेटा आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बलात्कार-हत्या की पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में काम करे।
उन्होंने और उनके पति सिसिर अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग इस बात से उनसे भी ज़्यादा खुश हैं कि उनका बेटा पश्चिम बंगाल में पहली भाजपा सरकार की कमान संभाल रहा है।
सुवेंदु अधिकारी और भाजपा के पांच अन्य विधायकों ने शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राजग-शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में शपथ ली।