तमिलनाडु: राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद से स्टालिन का इस्तीफा स्वीकार किया

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चेन्नई/दक्षिण भारत। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनकी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। लोक भवन ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में द्रमुक की हार के बाद इस्तीफ़ा दिया है। लोक भवन के एक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने स्टालिन से अनुरोध किया है कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक वे अपने पद पर बने रहें।

चुनाव में मिली करारी हार के बाद, द्रमुक प्रमुख को मंगलवार को अपना इस्तीफ़ा सौंपना पड़ा।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को हुए थे। विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि द्रमुक और अन्नाद्रमुक को क्रमशः 59 और 47 सीटें मिली हैं।

वाइको ने नई सरकार से वादे पूरे करने को कहा

एमडीएमके नेता वाइको ने मंगलवार को कहा कि लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने की ज़िम्मेदारी अब विजेता पार्टी पर है।

एमडीएमके ने द्रमुक के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) के हिस्से के तौर पर चार विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा।

द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वाइको ने कहा कि अब विजेता पार्टी का यह कर्तव्य है कि वह उन सभी कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना जारी रखे, जिन्हें द्रमुक सरकार द्वारा लागू किया जा रहा था। उन्होंने आगे कहा, 'मुझे उम्मीद है कि वे इसे जारी रखेंगे।'

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