नई दिल्ली/दक्षिण भारत। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उनसे राज्य के उन छह राज्यसभा सांसदों की सदस्यता समाप्त करने का आग्रह किया, जिन्होंने हाल में पाला बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया था।
बता दें कि 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी को एक बड़ा झटका लगा, जब उसके 10 राज्यसभा सांसदों में से सात — राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल — ने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक आदर्शों से भटक गई है। आप छोड़ने वाले इन सात सांसदों में से छह पंजाब से थे।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले छह राज्यसभा सांसदों को पंजाब में पार्टी के निर्वाचित विधायकों ने 'चुना' था।
उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर कहा, 'आज दिल्ली में माननीय राष्ट्रपति महोदया के समक्ष, हमने देश में हो रही 'लोकतंत्र की हत्या' के विरुद्ध अपनी आवाज़ ज़ोर-शोर से उठाई।'
उन्होंने कहा, 'पार्टियों के कामकाज में बाधा डालना और ईडी-सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' में दागी नेताओं को पाक-साफ़ करना, हमारी लोकतांत्रिक संरचना के साथ सीधा खिलवाड़ है।'
उन्होंने कहा, 'हमने यह साफ़ कर दिया है कि 'ऑपरेशन लोटस' की कुछ चालें पंजाब में कभी कामयाब नहीं होंगी। हमारे विधायक लाखों पंजाबियों की आवाज़ हैं और पंजाबी कभी भी विश्वासघात बर्दाश्त नहीं करते।'
उन्होंने कहा, 'आपके लोक सेवक' के तौर पर, मैं हर पंजाबी को यह भरोसा दिलाता हूं कि लोगों के जनादेश और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए हम अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे।'