चेन्नई/दक्षिण भारत। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक सीट ऐसी है, जहां सिर्फ एक वोट के अंतर से हार-जीत का फैसला हो गया। तिरुप्पत्तूर से द्रमुक उम्मीदवार एवं तमिलनाडु सरकार के मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन इतने कम अंतर से हारे हैं।
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, तिरुप्पत्तूर में टीवीके के उम्मीदवार सीनिवसा सेतुपति विजयी हुए हैं। उन्हें 83375 वोट मिले हैं। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी केआर पेरियाकरुप्पन को 83374 वोट मिले हैं। इस तरह सेतुपति सिर्फ एक वोट के अंतर से जीत गए।
इस सीट से कुल 15 उम्मीदवार खड़े हुए थे। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार केसी थिरुमारन के खाते में 29054 वोट आए हैं। इसी तरह नाम तमिलर काची की राम्या मोहन 15291 वोट लेने में सफल रहीं। हालांकि वे मुकाबले में चौथे स्थान पर रहीं।
इस सीट पर सबसे कम वोट निर्दलीय उम्मीदवार पंचवर्णम को (129) मिले हैं। 747 मतदाताओं ने नोटा को वोट दिया है। अगर तिरुप्पत्तूर से निर्दलीय उम्मीदवार या नोटा के दो वोट भी द्रमुक उम्मीदवार को मिल जाते तो नतीजा कुछ और हो सकता था। इस चुनाव ने एक वोट की अहमियत जरूर बता दी है।
अपनी सीट भी नहीं बचा सके स्टालिन
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कोलाथुर से हारे हैं। उन्हें टीवीके उम्मीदवार वीएस बाबू ने शिकस्त दी है। स्टालिन को कुल 74202 वोट मिले, जबकि वीएस बाबू को 82997 वोट मिले। इस तरह 8795 वोटों के अंतर से स्टालिन हार गए।
यहां अन्नाद्रमुक उम्मीदवार पी. संथाना कृष्णन को 18430 वोट मिले हैं। बहुजन समाज पार्टी की सुभाषिनी 236 वोट ले पाईं। यहां सबसे कम वोट निर्दलीय उम्मीदवार एस. बालाचंदर को (13) मिले हैं। 892 मतदाताओं ने नोटा पर विश्वास किया है।