कलबुर्गी/दक्षिण भारत। एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि कर्नाटक में 'अभी' मुख्यमंत्री पद पर कोई बदलाव नहीं होगा और राज्य में नेतृत्व का मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह बयान पार्टी और राजनीतिक हलकों में चल रहीं उन अटकलों के बीच आया है, जिनके अनुसार 4 मई के बाद नेतृत्व में बदलाव और कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कोई फ़ैसला लिया जा सकता है।
यह फ़ैसला तब लिए जाने की बात हो रही है, जब चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे, और साथ ही कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे घोषित हो जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि उन्हें 'पदोन्नत' किया जाए। उनका यह आग्रह उस कथित सत्ता-साझाकरण समझौते के अनुरूप है, जो पार्टी के साल 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के समय मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या के साथ हुआ था।
उन्होंने गृह मंत्री जी परमेश्वर के उस बयान के जवाब में कहा, जिसमें उन्होंने खरगे को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी, 'आप (मीडिया), वे (परमेश्वर) और शीर्ष पर बैठे लोग कहते हैं कि अगर मैं (मुख्यमंत्री) बनूं तो बेहतर होगा, लेकिन किस्मत से कहीं ज़्यादा, मेरी विचारधारा और अब तक पार्टी के प्रति मेरी सेवा को देखते हुए, मेरे बारे में फ़ैसले सोनिया गांधी ही लेती हैं।'
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'लेकिन, अब यह सवाल उठता ही नहीं है। यहां पहले से ही मुख्यमंत्री हैं। अगर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुझे मिलकर किसी बदलाव की दिशा में कोई फ़ैसला लेना है, तो इसमें कुछ समय लगेगा। चलिए, इंतज़ार करते हैं और देखते हैं।'
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहीं अटकलों के बीच, परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अगर अनुभवी वरिष्ठ राजनेता खरगे मुख्यमंत्री बनते हैं, तो सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में हर कोई उनका स्वागत करेगा।