प्रधानमंत्री मोदी का जाति जनगणना में देरी करने का पूरा इरादा है: कांग्रेस

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश बोले ...

Photo: @Jairam_Ramesh X account

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि सरकार द्वारा जाति जनगणना की घोषणा किए हुए पूरा एक साल बीत चुका है, लेकिन यह जनगणना कैसे की जाएगी, इसके विवरण का अभी भी इंतजार है। साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस प्रक्रिया में देरी करने का पूरा इरादा है।

कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ठीक एक साल पहले, मोदी सरकार ने घोषणा की थी कि आगामी जनगणना में पूरी आबादी की जातिगत गणना को शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस नाटकीय यू-टर्न से जुड़ी हालिया घटनाक्रम इस प्रकार है:

21 जुलाई, 2021 को, गृह मंत्री ने लोकसभा में भाजपा सांसद रक्षा निखिल खडसे (जो अब स्वयं मंत्री हैं) द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि भारत सरकार ने नीतिगत तौर पर जाति-वार जनसंख्या की गणना न करने का निर्णय लिया है।

21 सितंबर, 2021 को, मोदी सरकार ने उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका (सिविल) संख्या 841/2021 के संबंध में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि जाति-वार जनसंख्या की गणना करने का न्यायालय का कोई भी निर्देश, मोदी सरकार द्वारा पहले ही लिए जा चुके नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप करने के समान होगा।

16 अप्रैल, 2023 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर, नियमित जनगणना के हिस्से के तौर पर एक अद्यतन जाति जनगणना की मांग की। 28 अप्रैल, 2024 को, एक टेलीविज़न इंटरव्यू में, प्रधानमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जाति जनगणना की उसकी मांग 'शहरी नक्सल' सोच की सूचक है।

जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने आरोप के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व से माफ़ी मांगनी चाहिए। इससे भी ज़्यादा ज़रूरी बात यह है कि उन्हें भारत की जनता को यह स्पष्टीकरण देना चाहिए कि 30 अप्रैल, 2025 को जाति जनगणना की घोषणा करते समय उन्होंने अपने मन को 'शहरी नक्सल' विचारधारा से दूषित क्यों होने दिया?

जयराम रमेश ने कहा कि पूरा एक साल बीत चुका है। यह जाति-गणना किस प्रकार की जाएगी, इस संबंध में विस्तृत जानकारी का अभी भी इंतज़ार है। विपक्षी दलों और राज्य सरकारों के साथ तो कोई संवाद हुआ ही नहीं है, इस विषय के विशेषज्ञों के साथ बातचीत की तो बात ही दूर है।

जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष ने 5 मई, 2025 को जाति जनगणना के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को एक बार फिर पत्र लिखा था। उस पत्र की प्राप्ति की सूचना तक नहीं दी गई। उस पत्र में उठाए गए मुद्दे आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक हैं। वास्तव में, संसद के हाल ही में संपन्न विशेष सत्र के बाद तो ये मुद्दे और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, जिसमें यह स्पष्ट हो गया था कि प्रधानमंत्री का जाति जनगणना में देरी करने का पूरा इरादा है।

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