कोलकाता/दक्षिण भारत। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अपने भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र में कई मतदान केंद्रों का दौरा किया, जहां मतदान चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल और चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।
भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ है, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से है। इसे नंदीग्राम के एक प्रतीकात्मक 'रीमैच' (दोबारा मुकाबले) के तौर पर देखा जा रहा है, जहां साल 2021 के विधानसभा चुनावों में सुवेंदु ने उन्हें हराया था।
तृणकां प्रमुख, जो आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर को अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में अपना वोट डालती हैं, इस बार सुबह 8 बजे से पहले ही बाहर निकल गईं और निर्वाचन क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का दौरा किया, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के केंद्र भी शामिल हैं।
बाद में, वे भबानीपुर के चक्रबेरिया में एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के ज़रिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
ममता बनर्जी ने कहा, 'बाहर से कई पर्यवेक्षक आए हैं और वे भाजपा के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं। लोगों को अपना वोट डालना है। क्या इस तरह से मतदान हो सकता है?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणकां के सभी झंडे पहले ही हटा दिए गए थे, और दावा किया कि बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में दखल दे रहे थे।
उन्होंने कहा, 'वे वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। वे हमारे सभी लड़कों को उठा ले जा रहे हैं। अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे।' बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सत्ताधारी दल अपने प्रति जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
वहीं, अभिषेक बनर्जी ने ज़ोर देकर कहा कि तृणकां साल 2021 की तुलना में ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल करेगी।