तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान के एक वरिष्ठ वायु रक्षा अधिकारी ने कहा कि हाल में हुए अमेरिका-इजराइल के हमलों के दौरान, अमेरिका निर्मित एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराने में देश को मिली सफलता ने 'स्टेल्थ विमानों के अजेय होने' के मिथक को खत्म कर दिया है।
एक टेलीविज़न इंटरव्यू में, अधिकारी ने कहा कि ईरानी वायु रक्षा कर्मी पूरे साल चौबीसों घंटे ड्यूटी पर तैनात रहते हैं और दुश्मन के लक्ष्यों को लगातार निशाना बनाते हुए उन्हें रोकते हैं।
उन्होंने बताया कि इंटरव्यू के दौरान भी, हवाई रक्षा इकाइयों ने एक क्रूज़ मिसाइल को सफलतापूर्वक ट्रैक किया, उसे बीच में ही रोक लिया और आसानी से उस पर हमला किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन्स की तेज़ी के कारण किसी भी तरह की 'हाई-अलर्ट' स्थिति घोषित नहीं की गई थी।
अधिकारी ने कहा कि आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियां, विशेष रूप से वे जो क्रूज़ मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं, ज़्यादातर मामलों में दुश्मन के विमानों और छोटे हवाई वाहनों को आसानी से निशाना बनाने और नष्ट करने में सक्षम हैं।
घुसपैठ करने वाले एफ-35 के साथ हुई मुठभेड़ के उस पल का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सफल हमले और विमान पर उसके असर को देखकर वायु रक्षा कर्मियों में जो उत्साह था, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
अधिकारी ने आगे कहा कि इस ऑपरेशन ने लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित एक तकनीक को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय कर दिया।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरानी लोगों के व्यापक समर्थन ने इसमें अहम भूमिका निभाई और लोगों की मौजूदगी और समर्थन के बिना, इस तरह की कार्रवाई को उतने ही आत्मविश्वास के साथ अंजाम नहीं दिया जा सकता था।