नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन रात 8.30 बजे प्रसारित किया जाएगा। प्रधानमंत्री का यह संबोधन संविधान संशोधन विधेयक के एक दिन बाद होने जा रहा है। महिला आरक्षण से जुड़ा वह विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। विपक्ष ने उसका भारी विरोध किया था। उसे दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया था।
'नारी शक्ति हिसाब मांगेगी'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके ‘रास्ते का रोड़ा’ कौन है और विपक्ष के नेताओं को चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
शाह ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे कहीं न कहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के लिए आरक्षित सीटों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी इंडि गठबंधन के सभी सदस्यों ने ‘अगर-मगर, किंतु-परंतु का उपयोग करके स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है। यह दिखाने का प्रयास किया गया कि विरोध हमारे क्रियान्वयन के तरीके पर है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह विरोध क्रियान्वयन का नहीं, बल्कि केवल महिला आरक्षण का विरोध है।’
शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री मोदी का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण करने वाले इस संविधान सुधार को समयबद्ध तरीके से लागू करके 2029 का चुनाव महिला आरक्षण के साथ करने का है।