तेहरान/दक्षिण भारत। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने को लेकर अमेरिका की हालिया बयानबाज़ी की कड़ी निंदा की और ऐसी नीतियों को आर्थिक आतंकवाद तथा मानवता के विरुद्ध अपराध करार दिया।
अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में, बाक़ाई ने अमेरिका द्वारा बेगुनाह लोगों को जान-बूझकर तकलीफ़ और दु:ख पहुंचाने की कड़ी निंदा की, और कहा कि ऐसी नीतियों को आत्म-तुष्ट और खुद को सही मानने वाले रवैए के साथ पेश किया जाता है।
उन्होंने कहा, 'यह बेहद घिनौनी बात है कि जो नीतियां जान-बूझकर बेकसूर लोगों को तकलीफ़ और पीड़ा पहुंचाती हैं, उन्हें किस तरह आत्म-तुष्टि और अपनी ही नज़र में सही होने के घमंड के साथ पेश किया जाता है।'
प्रवक्ता ने कहा, 'यह केवल उनके पीछे की अमानवीय मानसिकता को उजागर करता है।' उन्होंने कहा, 'ये आर्थिक आतंकवाद और राज्य-प्रायोजित ज़बरन वसूली से कम नहीं हैं, ऐसे कृत्य जो मानवता के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं और अपने सामूहिक प्रभाव में, नरसंहार का रूप ले लेते हैं।'
बाक़ाई ने अपनी पोस्ट के साथ एक रिपोर्ट की हेडलाइन की तस्वीर भी लगाई है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि यह प्रयास ईरान के खिलाफ बमबारी अभियान के 'वित्तीय समतुल्य' होगा।