छतना/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के छतना में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बांकुरा के बच्चों का भविष्य इन्होंने (तृणकां) दांव पर लगा दिया। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सिंडिकेट गरीबों से पैसा उगाही कर रही है। 12 वर्षों से एसटी का प्रमाण पत्र बेचने के लिए आदिवासियों के साथ घोटाला किया और असली आदिवासियों को नौकरी से वंचित रखा। गेहूं और धान पर हर क्विंटल में 10 किलो की अवैध कटौती करते हैं।
अमित शाह ने कहा कि हर बारिश में गंधेश्वरी नदी का पुल डूब जाता है, लेकिन ममता दीदी के पेट का पानी नहीं हिलता। ममता दीदी हीरक रानी हैं। हीरक रानी को 23 अप्रैल को कमल के फूल पर बटन दबाकर, मूल समेत उखाड़कर फेंक देना है।
अमित शाह ने कहा कि बंगाल के गरीबों का वोट लेकर उनका फंड तृणकां के गुंडों के घर में जाता है। मोदी ने लाखों-करोड़ों रुपये भेजे हैं। उन्होंने बंगाल के गांवों के विकास के लिए जो पैसा भेजा था, वह ममता बनर्जी के सिंडिकेट की भेंट चढ़ गया। ये समझते हैं कि जो भ्रष्टाचार किया, उसका कुछ नहीं होगा। मैं आज यहां से कहकर जाता हूं, सिंडिकेट वालों कान खोलकर सुन लो, भाजपा की सरकार बनते ही गरीबों की पाई-पाई देनी पड़ेगी।
ममता दीदी कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाहर से शासन चलाने वाले हैं। मैं आज कहकर जाता हूं, बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बंगाल में ही जन्मा, बंगाली बोलने वाला, भाजपा का नेता ही होगा।
अमित शाह ने कहा कि इन्हें सहन नहीं होता कि एक आदिवासी गरीब की बेटी इस देश की राष्ट्रपति बनी हैं। ममता दीदी, आपको जो करना है करो, हम आदिवासी कल्याण में विश्वास रखने वाले लोग हैं। हम आदिवासियों के भले के लिए काम करते रहेंगे।
अमित शाह ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद मोदी ने हमारी संथाल की बहन द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर आदिवासियों का सम्मान किया। वे यहां आदिवासियों से मिलने आईं, तो ममता बनर्जी ने उनका अपमान किया। मैं सभी आदिवासी भाइयों-बहनों से अपील करने आया हूं। आदिवासी की बेटी द्रौपदी मुर्मू के अपमान का बदला इस चुनाव में ममता बनर्जी से लेना है।