दो से तीन हफ़्तों में ईरान के साथ युद्ध खत्म कर सकता है अमेरिका: ट्रंप

कहा- 'हम बहुत जल्द यहां से चले जाएंगे'

Photo: WhiteHouse FB Page

तेहरान/दक्षिण भारत। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि (अमेरिका) ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान दो से तीन हफ़्तों के भीतर खत्म कर सकता है।

उन्होंने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, 'हम बहुत जल्द यहां से चले जाएंगे।' साथ ही कहा कि यह वापसी 'दो हफ़्तों के भीतर, शायद दो हफ़्तों में, या शायद तीन हफ़्तों में' हो सकती है।

यह घोषणा ट्रंप की अब तक की सबसे स्पष्ट घोषणा है कि उनका इरादा जल्द ही उस एक महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने का है, जिसने मध्य-पूर्व की व्यवस्था को बदल दिया, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल मचा दी और रिपब्लिकन राष्ट्रपति के कार्यकाल की दिशा ही बदल दी है।

ट्रंप ने कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए तेहरान को वॉशिंगटन के साथ कोई समझौता करने की ज़रूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, 'ईरान को कोई समझौता करने की ज़रूरत नहीं है।' उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका द्वारा संघर्ष को समाप्त करने के लिए सफल कूटनीति एक पूर्व शर्त है, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, उन्हें मेरे साथ कोई समझौता करने की ज़रूरत नहीं है।'

इसके बजाय, ट्रंप ने कहा कि इस अभियान को समाप्त करने की शर्त यह थी कि ईरान को 'पाषाण युग में धकेल दिया जाए,' ताकि वह जल्द ही कोई परमाणु हथियार हासिल न कर सके।

उन्होंने कहा, 'तो फिर हम चले जाएंगे।'

इससे पहले दिन में, अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ ने कहा कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के आने वाले दिन निर्णायक होंगे। 

ईरान ने ईयू को चेतावनी दी

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने यूरोपीय संघ को अमेरिका-इजराइल की सैन्य आक्रामकता में किसी भी तरह की संलिप्तता के प्रति आगाह किया, और इस गुट के रुख की आलोचना करते हुए इसे पक्षपातपूर्ण और अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत बताया।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ एक टेलीफ़ोन वार्ता में, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अमेरिका और इज़राइली शासन द्वारा किए गए हमलों को कानूनी मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का घोर उल्लंघन बताया।

पेज़ेश्कियन ने ज़ोर देकर कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है और यह हमलावर देशों तथा उनके समर्थकों से जुड़े जहाज़ों के लिए अगम्य बना रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी बाहरी हस्तक्षेप के गंभीर और दूरगामी परिणाम होंगे।

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