तेहरान/दक्षिण भारत। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी के बाद ईरान में जारी सैन्य अभियान पर विराम लगाए जाने के संबंध में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि उन्होंने बड़ी धमकी भी दी है।
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान में अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए एक 'नए और अधिक तर्कसंगत' शासन के साथ गंभीर चर्चा कर रहा है।'
उन्होंने कहा, 'काफी प्रगति हुई है, लेकिन अगर किसी भी वजह से जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता - जिसकी संभावना काफी ज़्यादा है - और अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य तुरंत 'व्यापार के लिए नहीं खुलता' है, तो हम ईरान में अपने इस 'ठहराव' का अंत उसके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप (और शायद सभी विलवणीकरण संयंत्रों!) को बम से उड़ाकर और पूरी तरह से नेस्तनाबूद करके करेंगे; ऐसी चीज़ें जिन्हें हमने जान-बूझकर अभी तक 'हाथ नहीं लगाया' है।
ट्रंप ने कहा, 'यह हमारे उन अनेक सैनिकों और अन्य लोगों का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पुरानी हुकूमत के 47 साल के 'आतंक के राज' के दौरान बेरहमी से मार डाला था। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद। राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप'।
वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने घोषणा की कि उसके सैन्य अभियान के तहत जवाबी हमलों की एक नई लहर में, मिसाइलों ने कमांड और कंट्रोल सेंटर्स, ड्रोन सुविधाओं और उन ठिकानों को निशाना बनाया जिनका इस्तेमाल अमेरिकी और इजराइली कर्मी करते हैं।
एक बयान में, आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 87वीं लहर का हिस्सा थे। इस अभियान को एक निरंतर और बहु-चरणीय आक्रामक कार्रवाई के रूप में बताया गया है, जिसका लक्ष्य इस क्षेत्र के कई स्थानों पर मौजूद सैन्य और लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना है।
आईआरजीसी ने बताया कि अमेरिकी और इज़राइली पायलटों के छिपने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जगहों को उसकी मिसाइलों से निशाना बनाया गया। साथ ही, यह भी कहा कि ईरानी हमलों की ताज़ा लहर में कमांड और कंट्रोल सेंटर, ड्रोन हैंगर, हथियारों के गोदाम और सैन्य बलों तथा अमेरिकी-ज़ायोनी पायलटों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगहों पर हमले किए गए।