आज 'मन की बात' में क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी?

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भी टिप्पणी की

Photo: @NarendraModi YouTube Channel

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में देशवासियों के साथ अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारे पड़ोस में एक माह से भीषण युद्ध चल रहा है। हमारे लाखों परिवारों के सगे-संबंधी इन देशों में रहते हैं, खासतौर पर खाड़ी देशों में काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि मैं खाड़ी देशों का बहुत आभारी हूं, वे ऐसे एक करोड़ से ज्यादा भारतीयों को वहां पर हर प्रकार की मदद दे रहे हैं। निश्चित तौर पर यह चुनौतीपूर्ण समय है। मैं आज 'मन की बात' के माध्यम से सभी देशवासियों से फिर से यह आग्रह करूंगा कि हमें एकजुट होकर इस चुनौती से बाहर निकलना है। मैं सभी देशवासियों से अपील करूंगा कि वे जागरूक रहें, अफवाहों के बहकावे में न आएं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्ञान भारतम सर्वे का उद्देश्य देशभर में मौजूद पांडुलिपियों के बारे में जानकारी जमा करना है। इस सर्वे से जुड़ने का एक माध्यम ज्ञान भारतम ऐप है। आपके पास अगर कोई पांडुलिपि है या उसके बारे में जानकारी है तो उसकी फोटो ज्ञान भारतम ऐप पर जरूर साझा करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के नामसाई के चाओ नंतिसिन्ध लोकांग ने ताई लिपि में पांडुलिपियां साझा की हैं। अमृतसर के अमित सिंह राणा ने गुरुमुखी लिपि में पांडुलिपि शेयर की है। यह हमारी महान सिक्ख परंपरा और पंजाबी भाषा से जुड़ी लिपि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर के क्रिकेट फैंस के लिए यह महीना जोश और उत्साह से भर देने वाला रहा है। जब भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तो देश में हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। अपनी टीम की इस शानदार सफलता पर हम सभी को बहुत गर्व है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे अस्मिता एथलेटिक्स लीग की जानकारी भी मिली है। इसमें 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर कई स्पोर्टिंग इवेंट्स का शानदार आयोजन किया गया। लीग में करीब 2 लाख बेटियों ने भागीदारी की। यह देखकर अच्छा लगता है कि भारत की नारीशक्ति देश में हो रहे इस स्पोर्टिंग ट्रांसफॉर्मेशन में अहम भूमिका निभा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में अब 100 दिनों से भी कम समय बचा है। पूरी दुनिया में योग के प्रति आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है। अफ्रीका के जिबूती में अल्मिस अपने अरविंद योग सेंटर के जरिए योग को बढ़ावा दे रहे हैं। वे यहां की कई और जगहों पर भी लोगों को योग सिखाते हैं। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें खाने के तेल में 10 प्रतिशत की कटौती भी करनी है। इन छोटे-छोटे प्रयासों से आप मोटापे और लाइफस्टाइल से जुड़ीं बीमारियों से दूर रहेंगे। मुझे बेंगलूरु में शिक्षा से जुड़े एक अनूठे प्रयास के बारे में जानकारी मिली है। यहां एक टीम प्रयोगा इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च चला रही है। इस टीम का रिसर्च प्रोजेक्ट पर विशेष फोकस है। यही टीम स्कूल लेवल पर साइंस एजुकेशन को लोकप्रिय बनाने में जुटी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नागा ट्राइब्स में मोरूंग लर्निंग की एक पारंपरिक व्यवस्था थी। इसमें बुजुर्ग लोग अपने अनुभवों से युवाओं को पारंपरिक ज्ञान, इतिहास और लाइफ स्किल्स के बारे में बताते थे। समय के साथ यह सिस्टम अब मोरूंग शिक्षा की अवधारणा में बदल गया है। इसके माध्यम से बच्चों में गणित और विज्ञान जैसे विषयों में रुचि पैदा की जाती है। इसमें समुदाय के बुजुर्ग उन्हें कहानियां, लोकगीत और पारंपरिक खेलों के साथ लाइफ स्किल्स सिखाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए गांव-गांव में सामुदायिक स्तर पर प्रयास होने लगे हैं। कहीं पुराने तालाबों की सफाई हो रही है, कहीं बरसात के जल को सहेजने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अमृत सरोवर अभियान के तहत भी देशभर में करीब 70 हजार अमृत सरोवर बनाए गए हैं।

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