जवाबी हमलों में 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मारे गए: ईरान

चेतावनी दी- 'यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रगाह बन जाएगा'

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तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान के 'खतम अल-अंबिया' केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के जवाबी हमलों में 500 से ज्यादा अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत हुई है।

ईरानी प्रवक्ता ने शनिवार को एक बयान में कहा, 'हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि हमलावर अमेरिकी सेना, (ईरान के) सशस्त्र बलों के निर्णायक हमले और इस क्षेत्र में उनके ठिकानों के नष्ट होने के कारण, भागकर अपने ठिकानों के बाहर छिप गई है।'

उन्होंने कहा, 'हाल के कुछ घंटों में, उनके दो ठिकानों की पहचान की गई; दुबई में स्थित पहले ठिकाने पर 400 से अधिक लोग और दूसरे ठिकाने पर 100 से अधिक लोग मौजूद थे। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की एयरोस्पेस फोर्स और नौसेना ने सटीक मिसाइलों और ड्रोनों की मदद से इन दोनों ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।'

प्रवक्ता के अनुसार, एंबुलेंस कई घंटों से मृत और घायल अमेरिकी कमांडरों तथा सैनिकों को ले जाने में व्यस्त हैं।

प्रवक्ता ने चेतावनी दी, 'ट्रंप और अमेरिकी सेना के कमांडरों को पूरी तरह समझ लेना चाहिए कि यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए एक कब्रगाह बन जाएगा और उनके पास बहादुर लोगों तथा बहादुर योद्धाओं के सामने समर्पण करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा।'

राष्ट्रपति ने ईरान के पड़ोसी देशों को चेतावनी दी

राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने आत्मरक्षा के मुद्दे पर ईरान के रुख को दोहराते हुए पड़ोसी देशों से अपील की कि वे ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल की आक्रामक सैन्य कार्रवाई में किसी भी तरह की मदद करने से परहेज़ करें।

अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में, पेज़ेशकियान ने ईरान की रक्षात्मक मुद्रा के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि देश पहले से हमला नहीं करता, लेकिन किसी भी आक्रामकता का जवाब ज़रूर देगा।

राष्ट्रपति ने कहा, 'हमने बार-बार यह कहा है कि ईरान पहले से हमले नहीं करता। हालांकि, हमारे बुनियादी ढांचे और आर्थिक केंद्रों पर होने वाले हमलों के जवाब में, हम दुश्मन को करारा जवाब देंगे।'

पेज़ेशकियान ने कहा, 'मैं इस क्षेत्र के देशों से कहता हूं कि यदि आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे दुश्मनों को अपने देश से युद्ध करने की अनुमति न दें।'

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