नोएडा/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं को पता है कि यह जो काम हो रहा है, यह नौजवानों के भविष्य को नई उड़ान देने वाला काम है। आज हम विकसित उप्र, विकसित भारत अभियान का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का सबसे बड़ा प्रदेश आज सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे वाले राज्यों में से एक बन गया है। आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण हैं- पहला: इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का सौभाग्य भी मुझे मिला था और इसका उद्घाटन करने का सौभाग्य भी मुझे मिला है। दूसरा: जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे प्रतिनिधि बनाया, सांसद बनाया, उस उत्तर प्रदेश की पहचान के साथ इस भव्य हवाईअड्डे का नाम भी जुड़ गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व चिंतित है, पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध चल रहा है। युद्ध की वजह से कई देशों में खाने-पीने का सामान, पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद जैसी कई जरूरी चीजों का चारों तरफ संकट पैदा हो गया है। हर देश इस संकट का सामना करने की कोशिश कर रहा है। हमारा भारत भी पूरी शक्ति से इसका मुकाबला कर रहा है। देशवासियों की ताकत के भरोसे कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस युद्ध-प्रभावित क्षेत्रों से मंगाता है, इसलिए सरकार हर वह कदम उठा रही है, जिससे सामान्य परिवारों और हमारे किसान भाई-बहनों पर बोझ न पड़े। संकट के इस समय में भी भारत ने अपने तेज विकास को निरंतर जारी रखा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सपा वालों ने नोएडा को अपनी लूट का एटीएम बना लिया था, लेकिन आज भाजपा सरकार में वही नोएडा, उप्र के विकास का सशक्त इंजन बन रहा है। नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था, कुर्सी जाने के डर से पहले के सत्ताधारी यहां आने से डरते थे। मुझे याद है, जब यहां सपा सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया, तो मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वे उस कार्यक्रम में नहीं आए। मुझे भी डराने की कोशिश की गई, कहा गया, 'नोएडा मत जाइए, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हैं।'
मैंने कहा, 'मैं उस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे लंबे अरसे तक सेवा करने का मौका देगी।' आज वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। यह पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है। किसी भी देश में हवाईअड्डे सिर्फ एक सामान्य सुविधा नहीं होती। ये प्रगति को भी उड़ान देते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 से पहले देश में सिर्फ 74 हवाईअड्डे थे, आज 160 से अधिक हो चुके हैं। अब महानगरों के अलावा, देश के छोटे-छोटे शहरों तक भी हवाई कनेक्टिविटी पहुंच रही है। पहले की सरकारें मानती थीं कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए होनी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार ने सामान्य भारतीयों के लिए भी हवाई यात्रा को आसान बना दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना के तहत बीते कुछ वर्षों में 1.60 करोड़ से अधिक देशवासियों ने सस्ती दरों पर हवाई यात्रा की है। हाल में केंद्र सरकार ने उड़ान योजना को और विस्तार दिया है। इसके लिए लगभग 29,000 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत छोटे-छोटे शहरों में 100 नए हवाईअड्डे और 200 नए हेलिपैड बनाने की योजना है।